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विश्वकप के असली हीरो बनकर उभरे हैं गोलकीपर

विश्वकप के असली हीरो बनकर उभरे हैं गोलकीपर

विश्व कप फुटबॉल जब अपने अंतिम पड़ाव की तरफ बढ़ रहा है तब कोई बड़ा नामी स्ट्राइकर नहीं बल्कि कई गोलकीपर इसके असली नायक बनकर उभर रहे हैं।

लियोनेल मेस्सी और नेमार के नाम दुनिया अच्छी तरह परिचित है लेकिन फीफा 2014 से गुलेरमो ओचोआ, जूलियो सीजर, टिम हावर्ड, कीलोर नवास, अलीरजा हकीकी जैसे गोलकीपरों को भी नई पहचान मिली। इस विश्व कप से फुटबॉल में गोलकीपरों की फुर्ती और शानदार बचाव के कई किस्से जुड़ गये हैं।

बेल्जियम ने भले ही अमेरिका को हरा दिया लेकिन मैच के नायक अमेरिकी गोलकीपर टिम हावर्ड रहे जिन्होंने कई शानदार बचाव किये। यही वजह थी कि मैच के बाद बेल्जियम के रोमेलु लुकाकु और ड्राइस मर्टन्स उनसे लिपट पड़े। बेल्जियम के कप्तान विन्सेंट काम्पानी ने तो अपने ट्विटर पेज पर सिर्फ इतना लिखा, दो शब्द :टिम हावर्ड, सम्मानीय।

हावर्ड ने इस मैच में 16 बार गेंद को गोल के अंदर घुसने से बचाया और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया। उनके प्रदर्शन से कोच जर्गेन क्लिन्समैन भी प्रभावित थे। उन्होंने कहा, टिम ने आज जिस तरह का खेल दिखाया वह बेजोड़ है। टिम के प्रदर्शन से हमने मैच में वापसी कर ली थी।

हावर्ड ने इससे पहले लीग चरण में अमेरिका और पुर्तगाल के बीच 2-2 से ड्रॉ छूटे मैच में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था। उनके अलावा कई अन्य गोलकीपरों ने अपने-अपने शानदार प्रदर्शन से प्रभावित किया।

अब मैक्सिको के ओचोआ को ही ले लीजिए। उन्हें दो बार मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। कोस्टारिका की टीम यदि क्वार्टर फाइनल में पहुंची है तो उसका बहुत बड़ा श्रेय उसके गोलकीपर कीलोर नवास को जाता है जो अब तक दो बार मैन ऑफ द मैच पुरस्कार हासिल कर चुके हैं।

पांच बार के चैंपियन ब्राजील को चिली ने अंतिम-16 के मैच में नाकों चने चबवा दिये थे लेकिन गोलकीपर जूलियो सीजर की बदौलत वह आगे बढ़ाने में सफल रहा। सीजर उस मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे थे।

ओचाओ ने ग्रुप-ए में ब्राजील के खिलाफ जिस तरह का जानदार प्रदर्शन किया उससे ब्राजीली प्रशंसक भी उनके मुरीद बन गये थे। यूनान के खिलाफ कोस्टारिका की पेनल्टी शूटआउट में 5-3 से जीत के नायक नवास रहे थे। उन्होंने इससे पहले इग्लैंड के खिलाफ गोलरहित बराबरी पर छूटे मैच में भी इसी तरह का जबर्दस्त प्रदर्शन किया था।

जर्मनी भले ही अल्जीरिया को हराकर अंतिम आठ में जगह बनाने में सफल रहा लेकिन उसके खिलाड़ियों ने भी प्रतिद्वंद्वी टीम के गोलकीपर राइस मबोली के प्रदर्शन की तारीफ की। फीफा ने भी उस मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी मबोली को ही चुना था। इस मैच में जर्मनी के गोलकीपर मैनुएल नेउर ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था।

ईरान की टीम पहले दौर में बाहर हो गयी लेकिन उसने गोलकीपर अलीरजा हकीकी के बेजोड़ खेल के दम पर अर्जेंटीना को आखिरी क्षणों तक गोल करने से रोके रखा था। इक्वेडर ने लीग चरण में गोलकीपर अलेक्सांद्र डोमिनेज के शानदार प्रदर्शन के दम पर फ्रांस को गोलरहित बराबरी पर रोका था। इटली के अनुभवी गोलकीपर जियानलुगी बफन ने भी उरूग्वे के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया था। उनकी टीम यह मैच 0-1 से हार गयी थी जिससे उनके प्रदर्शन को सुर्खियां नहीं मिली।

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