DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

यूपी को मिल सकता है ईएमयू कारखाना

यूपी को मिल सकता है ईएमयू कारखाना

चार सौ से अधिक लंबित रेल परियोजनाओं के मद्देनजर रेल मंत्री सदानंद गौड़ा रेल बजट में बड़ी-बड़ी परियोजनाओं की घोषणा से परहेज कर सकते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश और कर्नाटक के निवासियों को रेल कारखाने की सौगात मिल सकती है। रेल बजट के पिटारे से रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के संसदीय क्षेत्र गाजीपुर के निवासियों को ईएमयू-मेमू कारखाने का तोहफा तय माना जा रहा है।

गौड़ा रेल बजट में गोल्डन क्वाड्रीलेटरल (दिल्ली-मुंबई-कोलकाता-चेन्नई) के लिए हाई स्पीड कॉरिडोर की घोषणा कर सकते हैं, इसकी फिजिबिलटी (व्यावहारिकता) रिपोर्ट के लिए बजट दिया जाएगा। इससे चारों महानगरों के बीच राजधानी एक्सप्रेस व शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार 160-200 किमी प्रति घंटा की तय की जा सके।

रेल बजट में मुंबई-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद उक्त रूट की फिजिबिलटी रिपोर्ट जल्द तैयार करने के निर्देश दे दिए थे। सूत्रों का कहना है कि जापान, जर्मनी अथवा फ्रांस से दो ट्रेन सेट खरीदने की योजना तैयार है। रेल बजट में ट्रेन सेट की घोषणा भी हो सकती है। गाजीपुर में ईएमयू-मेमू कारखाने के लिए 25 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित हो सकते हैं।
पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के रेलवे स्टेशन को विकसित करने के लिए बजट में अधिक पैसा मिल सकता है। कर्नाटक के लिए रेल कोच फैक्ट्री के विस्तार व नई योजना की घोषणा हो सकती है। पोर्ट कनेक्टिविटी व कृषि रेल के लिए नए डेडिकेटेड कॉरिडोर का ऐलान किया जा सकता है। जो राज्य रेल परियोजनाओं के लिए 50 फीसदी धन व मुफ्त में जमीन मुहैया कराने के लिए सहमत होंगे। उनको रेल बजट में कई रेल परियोजनाएं सौगात में मिल सकती हैं।

यात्री सुविधाएं, संरक्षा व सुरक्षा पर होगा जोर
रेल बजट में यात्री सुविधाएं, संरक्षा और सुरक्षा पूरा जोर होगा। संरक्षा से जुड़ी परियोनाएं टीकैश, टीपीडब्ल्यूएस, ट्रैक, कोच-वैगन-इंजन को आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार से स्पेशल सेफ्टी फंड मिलने की आशा है। नरेंद्र मोदी का पारंपरिक कोच के बजाए एलएचबी कोच अधिक संख्या में बनाने पर जोर है। टीकैश (ट्रेन कोलीजन एवॉयडेंस सिस्टम) के दूसरे चरण में ट्रेनों को बिना मैन्युअल सिग्नल सिस्टम के पटरी पर दौडमने की तैयारी है। इसमें ड्राइवर इंजन के केबिन में लगे स्क्रीन पर सिग्नल सिस्टम की मदद से ट्रेन चलाएगा। इस बार रेलवे को 8000-10,000 करोड़ की अतिरिक्त बजटीय सहायता मिल सकती है। इस धन से स्टेशनों-ट्रेनों की सफाई, स्टेशनों पर पेयजल, खानपान सेवा में सुधार होगा।

राजधानी, शताब्दी में होंगे स्वचालित दरवाजे
नई दिल्ली। सरकार रेल बजट में राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे और यात्री डिब्बों में आग से निपटने की प्रणाली लाने का प्रस्ताव ला सकती है। ऐसी प्रीमियम ट्रेनों में एक बार इस्तेमाल के बाद फेंक दी जाने वाली चादरें, गिलाफ के इस्तेमाल की भी घोषणा की जा सकती है। हल्के और ज्यादा ढुलाई वाले दुग्ध वैन और नमक ढुलाई के डिब्बों के निर्माण का प्रस्ताव आ सकता है। बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस में डिस्पोजेबल बेडरोल मुहैया करने की एक पॉयलट परियोजना शुरू करने की तैयारी है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:यूपी को मिल सकता है ईएमयू कारखाना