DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पूर्व प्रधानाचार्य को मोबाइल पर बनाया ठगी का शिकार

अतरौली। इन दिनों बैंक अधिकारी बनकर संगठित गिरोह के लोग अपनी लच्छेदार बातों में लेकर एटीएम का कोड पूछ लेते हैं। इन के चक्रव्यूह में कम पढ़े लोगों के अलावा उच्च शिक्षा प्राप्त लोग भी शिकार हो रहे हैं। इस गिरोह के एक नटवर लाल को बैंक का अधिकारी समझकर नगर के एक इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य ने अपने एटीएम का कोड नंबर बता दिया इस ठग ने बात करते-करते ही पांच बार में 17 हजार रुपये के सामान की खरीदारी की गई।

नगर के मोहल्ला नगाइचपाड़ा के रहने वाले मुनेश चंद शर्मा अतरौली के केएमबी इंटर कालेज में प्रधानाचार्य के पद से करीब दस साल पहले सेवा निवृत हो चुके हैं। उनके मोबाइल पर बुधवार को करीब 12 बजे अचानक घंटी बजी। दूसरी ओर से कहा गया-हैलो, जी सर में मुम्बई से बैंक अधिकारी बोल रहा है। पूरे देश में एटीएम कार्डों के कोड नंबर बदले जा रहे हैं। इसलिए आप नए कोड नंबर को अपने यहां पर नोट कर लें। ठग ने कहा कि आप अपना कोड नंबर बताए जिससे उसके स्थान पर नए नंबर को एक्टीवेट किया जा सके।

प्रधानाचार्य ने नया नंबर नोट कर लिया मगर ठग ने कोड नंबर हासिल करने के लिए पुन: कहा कि सर जी आप अपना पुराना नंबर बताए जिससे नए कोड नंबर को एक्टीवेट कर सकूं। प्रधानाचार्य ने इसपर कहा कि आप जैसे अधिकारियों के निर्देश हैं कि अपने एटीएम के कोड नंबर को किसी को न बताएं। इस पर तथाकथित बैंक अधिकारी ने कहा कि हम तो यहां से सभी के एटीएम जारी करते हैं, इसलिए आपको हमारे लिए कोड नंबर बताने से संकोच नहीं करना चाहिए।

मुनेश शर्मा ने इस ठग को असली बैंक अधिकारी समझकर गुप्त कोड चार नंबर वाला कोड बता दिया। कुछ देर बात करने के दौरान ठग ने अपने यहां से एक के बाद एक पांच बार इस एटीएम एकाउंट से शॉपिंग की। प्रधानाचार्य के मोबाइल पर लगातार रुपये कटने की जानकारी एसएमएस से आती रही। आधा घंटे तक अपनी बातों में लगाए रहे ठग की हरकत देखकर पूर्व प्रधानाचार्य मुनीश चंद शर्मा बिना कोई विलंब किए कस्बे की पीएनबी शाखा पहुंचे।

इससे पहले कि ठग और रुपये खाते से उड़ाता पूर्व प्रधानाचार्य की व्यथा सुनकर उनके खाते से एटीएम से धन निकालने का सिस्टम बंद किया गया, तब धन निकासी का सिलसिला रुका। शाखा प्रबंधक बोलेहमारी बैंक के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर मोबाइलों पर कॉल करके व मैसेज भेजकर अवगत कराते रहते हैं कि अपने एटीएम बारे में किसी को कुछ न बताएं।

एटीएम कार्ड के गोपनीय कोड नंबर तो बिल्कुल नहीं बताना चाहिए। बैंक के उपभोक्ता पूर्व प्रधानाचार्य मुनीश चंद शर्मा ने अपने एटीएम का कोड बताकर गलती की, इस कारण उनके खाते से करीब 17 हजार रुपये निकाल लिए गए। समय रहते वह बैंक आ गए , जिससे उनके एटीएम खाते से धन निकासी रोक दी गई। मनोज कुमार, शाखा प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक अतरौली

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पूर्व प्रधानाचार्य को मोबाइल पर बनाया ठगी का शिकार