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बिहार-झारखंड के फेर में लुट गए यात्री

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। ट्रेन के लिए राज्यों की सीमा मायने नहीं रखती, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के मसले पर दो राज्यों की सीमा आड़े आ रही है। रांची से पटना आ रही जनशताब्दी एक्सप्रेस में डकैती के बाद यह बात सामने आई है। नक्सल प्रभावित इलाका होने के बावजूद कोडरमा से गया के बीच जनशताब्दी एक्सप्रेस में मंगलवार को एस्कॉर्ट नहीं होने का अपराधियों ने फायदा उठाया।

रेल पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक पहले जनशताब्दी में झारखंड पुलिस का एस्कॉर्ट गया तक आता था। उसके बाद बिहार पुलिस जिम्मा संभालती थी। लेकिन बाद में झारखंड पुलिस ने ट्रेन में एस्कॉर्ट करना बंद कर दिया।

लिहाजा कोडरमा-गया जैसे संवेदनशील रेलखंड पर इस ट्रेन के यात्री भगवान भरोसे छोड़ दिए गए। डकैती की घटना के बाद आला अधिकारियों ने दो राज्यों की सीमा क्षेत्र में ट्रेनों में एस्कॉर्ट व्यवस्था की समीक्षा करने का फैसला किया है। एडीजी रेल केएस द्वविेदी ने बताया कि एस्कॉर्ट न होने का मामला संज्ञान में आने के बाद न सिर्फ झारखंड बल्कि उत्तरप्रदेश की ओर जाने और आनेवाली ट्रेनों में भी एस्कॉर्ट की समीक्षा होगी।

वे दोनों राज्यों के अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ इसपर विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की जीआरपी के साथ तालमेल कर यह सुनशि्चित करने की कोशशि होगी कि ट्रेनों में हर हाल में एस्कॉर्ट हो। 70 यात्रियों का बयान दर्ज कियाडकैती के बाद आईजी रेल पुलिस निर्मल कुमार आजाद और एसआरपी पटना उपेन्द्र कुमार सिन्हा गया में कैंप कर रहे हैं। 70 पीड़ित यात्रियों के बयान लेने के बाद गया जीआरपी ने मामला कोडरमा जीआरपी को स्थानांतरित कर दिया है।

एडीजी रेल ने बताया कि अपराधियों को पकड़ने के लिए झारखंड पुलिस के साथ साझा अभियान चलाया जा रहा है। डकैतों की संख्या 25 थी। सभी नवजवान थे। एक ने कुर्ता-पायजामा पहन रखा था बाकी पैंट-शर्ट में थे। डकैत कोडरमा स्टेशन पर ट्रेन में सवार हुए और गाड़ी चलने के चंद मिनट बाद लूटपाट शुरू कर दी।

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