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जनशताब्दी लूटकांड में नहीं मिला सुराग

गया हिन्दुस्तान संवाददाता। रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में मंगलवार को हुई पचास लाख की लूट के मामले में बुधवार की देर शाम तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया। इस मामले में बुधवार को रेल आईजी निर्मल कुमार आजाद के नेतृत्व में अधिकारियों के एक दल ने गुरपा तथा कोडरमा स्टेशन क्षेत्र का जायजा लिया।

इस दल ने आसपास के उन गांवों से भी जानकारी ली जहां लूट के बाद अपराधी ट्रेन से उतर गये थे। इस मामले में रेल पुलिस अधिकारियों ने जिला पुलिस अधिकारियों व झारखंड रेल पुलिस अधिकारियों के साथ गया रेल थाने में बैठक की।

बैठक में अपराधियों की टोह में खुफिया तरीके से पुलिस बल लगाए जाने का निर्णय लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार लूट गुरपा स्टेशन के आसपास हुई जो बिहार-झारखंड की सीमा पर स्थित है। यह क्षेत्र जंगल और पहाड़ो से घिरा है तथा घोर नक्सल प्रभावित भी है। इस क्षेत्र में जिला पुलिस व झारखंड रेल पुलिस के साथ मिलकर बिहार रेल पुलिस अपराधियों की टोह में कार्रवाई करगी। इसके लिए विशेष कार्य योजना बनाने का भी निर्णय किया गया है।

बैठक में रेल आईजी एनके आजाद, रेल एसपी उपेंद्र कुमार सिन्हा, सीटी एसपी राकेश कुमार, एसपी नक्सल शंभु बाबू, रेल एएसपी शैलेश कुमार सिन्हा और डीएसपी विधि व्यवस्था सतीश कुमार आदि उपस्थित थे। रेल आईजी निर्मल कुमार आजाद ने कहा कि हर हाल में रेल अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

इसके लिए हर संभव कार्रवाई के लिए विशेष रणनीति बनायी जा रही है। अपराधियों का सुराग लेने के लिए विशेष तरीके से काम किया जा रहा है। रेल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी सुरक्षा: रेल एसपीरेल एसपी उपेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि रेल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ायी जाएगी।

इसके लिए रेल पुलिस विशेष तैयारी में जुट गई है। हरेक ट्रेन में सुरक्षा को और पुख्ता किया जाएगा। ट्रेन एस्कॉर्ट दल को इसके लिए और मजबूत करने की योजना पर कार्य तेज कर दिया गया है। हरेक ट्रेन में एस्कॉर्ट दल की तैनाती की जाएगी।

कोडरमा-गया के बीच करीब आधा दर्जन ट्रेनों में गया रेल पुलिस का एस्कॉर्ट दल कोडरमा जाकर ट्रेनों को सुरक्षित लाने का काम करते हैं।

घटनास्थल पर बना रहा विवाद

रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में मंगलवार की रात हुई करीब पचास लाख की लूट के घटनास्थल को लेकर बिहार और झारखंड पुलिस के बीच काफी देर तक विवाद बना रहा।

यात्रियों के मुताबिक मुसाफिर बनकर लुटेरे कोडरमा से ट्रेन की बॉगी सी-2 में सवार हुए थे। इस विवाद के कारण एफआईआर दर्ज होने में भी देर हुई। वैसे, एफआईआर कोडरमा रेल थाने में दर्ज की गयी है। गया-कोडरमा रेल सेक्शन के कोडरमा-गुरपा रेलवे स्टेशनों के बीच अपराधियों ने करीब 73 यात्रियों से लूटपाट की थी।

रेल पुलिस सूत्रों ने बताया कि लूट कांड में पीड़ित यात्रियों ने बताया कि कोडरमा स्टेशन पर ट्रेन के रुकते ही दर्जन भर लोग कोच में सवार हो गए और ट्रेन के चलने के कुछ ही समय बाद लूटपाट करने लगे।

लूटपाट का अंजाम देने के बाद अपराधियों ने गुरपा स्टेशन के समीप ट्रेन में वैक्यूम लगाकर उतर कर फरार हो गए। जब गया स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो गेवालबिगहा के रहने वाले नारायण सिंह ने घटना की लिखित सूचना रेल थाने को दी।

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