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छोटी-छोटी बातों पर न जलने दें शहर को

मेरठ। मुख्य संवाददता। समय रहते अगर सचेत न हुए तो धर्म के नाम पर उठने वाली चिंगारी शोला बन सकती है और उसमें कोई एक धर्म के लोग नहीं बल्कि सब जल जाएंगे। मेरठ में लगातार ऐसी स्थिति पदा हो रहा है। धर्म और संप्रदाय के नाम जलने वाली आग पुलिस और नेता कभी नहीं बुझा सकते हैं।

उसके लिए धर्म गुरुओं और समाज के जिम्मेदार लोगों को आगे आना होगा। ऐसे मौकों पर पुलिस के पहले हम लोगों को पहुंचना होगा। मेरठ में आए दिन छोटी-छोटी बातों पर बवाल हो रहे हैं और फिर उसे सांप्रदायिक रंग देकर शहर की फिजां बिगाड़ी जा रही है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं पर बुधवार को हिन्दुस्तान कार्यालय में सभी धर्मो के गुरु ओं का समागम हुआ। सबने ने एक स्वर में कहा धर्म के नाम पर कुछ असामाजिक तत्व नफरत फैला रहे हैं।

नेता पुलिस से भी पहले मौके पर पहुंचकर उस आग में हाथ सेंकने लगते हैं जबकि प्रशासन के सामने भी सरकार की नीति होती है। उसे न्याय से नहीं अपने आका को खुश करने के लिए कार्रवाई करनी होती है। बलात्कारी और लूटेरे को सजा देना सांप्रदायिक या धार्मिक कैसे हो सकता है। उसमें तो सबको अपराध और अपराधी के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। समागम में हिन्दू धर्म से शहर के सभी प्रतिष्ठित मंदिरो के पूजारी और महंथ थे तो इस्लाम धर्म से शहर काजी सहित कइ्र्र मौलाना थे।

साथ में ईसाई और सिख धर्म के भी गुरु शामिल थे। सबने माना मेरठ की छवि आए दिन सांप्रदायिक बवाल के कारण खराब हो रही है जिसका असर शहर के विकास पर भी पड़ रहा है। नेताओं और अधिकारियों के भरोसे शहर को नहीं छोड़ा जा सकता है। इसके लिए हम सबको आगे आना होगा। धर्म गुरुओं ने कहा कि मुस्लिम कांवड़ बनाते हैं और हिन्दू मस्जिदों की छत डालते हैं। हमारे समाज का ताना-बाना ही ऐसा है कि किसी धर्म के लोग एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते हैं।

मगर कुछ लोगों ने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि छोटी-छोटी बातों पर शहर जल उठता है। और आग लगाने वाले मौके पर जाकर हंसता है। प्रशासन भी उससे ही सलाह भी मांगता है। धर्म गुरुओं ने कहा कि ऐसी किसी भी घटना पर पुलिस और नेताओं के पहले धर्म गुरुओं को आगे आना चाहिए। सबने हामी भरते हुए हाथ में हाथ डालते हुए कहा हम साथ-साथ हैं।

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