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सरकार की किसान विरोधी नीतियों को झेल रहा किसान

कन्नौज। हिन्दुस्तान संवाद। भारतीय किसान संघ सरकार की किसान विरोधी नीतियों को ङोल रहा है। डीजल, खाद, बिजली व बीज के दामों में वृद्धि करके किसान की कमर तोड़ दी है। देश का पेट भरने वाला किसान आज स्वयं भूखा है। केंद्र की अच्छी सरकार से आश लगाए बैठा है।

भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष श्रीपाल सिंह के नेतृत्व में सुरेशचंद्र दीक्षित, राजाराम वर्मा, रामानंद कटियार, सुनील कुमार मिश्रा, परशुराम पाल आदि किसानों ने बुधवार को प्रधानमंत्री को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा।

संघ पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि पिछले कई सालों से देश का किसान सरकार की किसान विरोधी नीतियों को ङोलता आ रहा है। किसान हित में सरकारों ने कभी भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। किसानों की समस्याओं को लेकर दिल्ली में धरना प्रदर्शन दे चुके हैं।

इसके बावजूद पिछली सरकार ने किसानों का कोई भला नहीं किया है। बल्कि किसान से जुड़ी वस्तुओं के दामों में वृद्धि करके उसकी कमर तोड़कर रख दी है। संघ ने किसानों की भूख मिटाने के लिए किसान को उसकी उपज का लागत के आधार पर पचास फीसदी लाभकारी मूल्य दिया जाए।

जिससे वह खुशहाल हो सके। कृषि उपज की लाभकारी मूल्य पर नशि्चित खरीद होनी चाहिए। संघ ने केंद्र सरकार से सिंचाई के लिए किसानों को मुफ्त बिजली मुहैया कराई जाने की मांग की है। किसानों को खेती के लिए ब्याज रहित कर्ज की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा जिले को आलू जोन घोषित करके आलू आधारित उद्योग धंधे विकसित किए जाने चाहिए। जिससे आलू उत्पादक किसानों को उसकी सही ढंग से लाभ मिल सके।

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