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जीआईसी में शिक्षकों का टोटा, बालिका कॉलेज की मांग

सरीला। हिन्दुस्तान संवाद। कस्बा स्थित राजकीय इण्टर कॉलेज में शिक्षकों का अभाव है। कई बार कॉलेज में शिक्षकों की तैनाती के साथ ही बालिका इण्टर कॉलेज की मांग की गई है। राजकीय इण्टर कॉलेज में मात्र नगर व क्षेत्र का एकमात्र राजकीय इण्टर कॉलेज है। यहां पर कोई भी बालिका इण्टर कॉलेज नहीं है। जबकि कई बार इसकी मांग की गई है। अति पिछड़ा होने पर लोग अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए बाहर भेजने को मजबूर है।

जीआईसी में एक हजार छात्र-छात्राओं का भविष्य मात्र एक प्रवक्ता, चार सहायक अध्यापकों के भरोसे हैं। कॉलेज के वरिष्ठ व कनिष्ठ लिपिक के पद कई महीनों से खाली हैं। प्रधानाचार्य रामकिशोर ने बताया कि उन्होंने अध्यापकों के रिक्त पदों के बारे में उच्चाधिकारी को लिखा है। कॉलेज में 18 अध्यापकों की जगह मात्र पांच अध्यापक के भरोसे ही चल रहा है। अभिभावक संघ के सहयोग से कुछ शिक्षकों को रखा जाता है। जिससे शिक्षण कार्य में कोई बाधा न हो।

पांच प्रवक्ताओं में सिर्फ एक प्रवक्ता का पद भरा हुआ है। अंग्रेजी, संस्कृत, हिंदी, संस्कृत, अर्थशास्त्र, नागरिक शास्त्र के पद खाली हैं। सहायक अध्यापक अंग्रेजी, व्यायाम कला एवं सामान्य विषय के सात पद रिक्त हैं। जबकि बच्चों की तादाद अधिक होने पर भी यहां के विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है। जिस ओर न तो शासन-प्रशासन का ध्यान नहीं गया।

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