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एसडीएम के शव को एंबुलेंस तक न दिला सके अफसर

फतेहपुर/खागा। हिन्दुस्तान संवाद। खागा तहसील के राजस्व व पुलिस अधिकारी व कोतवाली पुलिस हादसे के बाद इतनी संवेदनहीन दिखी कि उन्होंने एक अदद एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं की। मौतें हो चुकी थी। इस बात को अच्छी तरह से समझने वाले अफसरों ने आनन-फानन में एक मैजिक गाड़ी (पिकअप) में एसडीएम व चालक के शव को रखवाया और वहां से रवाना कर दिया।

जबकि पुलिस एक सरकारी व प्राइवेट एंबुलेंस का इंतजाम करने में पूरी तरह से सक्षम थी। राजापुर थाना कैंट जिला इलाहाबाद के रहने वाले इंद्रेश कुमार वर्ष 1994-95 में लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित हुए थे। वर्ष 95 में उनकी शादी इलाहाबाद के नैनी की रहने वाली माधुरी देवी पुत्री अमृतलाल भारती के साथ हुई थी। घर में उनके दो पुत्र अनुराग (17) व हर्ष (14) हैं। चीरघर पहुंचे एसडीएम इंद्रेश कुमार के साढ़ाू प्रेमचंद्र ने बताया हादसे के बाद शव निकाला गया लेकिन अफसरों ने संवेदनहीनता दिखाई।

उनके शव को मैजिक में लादकर भेजा गया। जबकि अफसर एक एंबुलेंस का भी इंतजाम कर सकते थे। जिस बोलेरो में वह यात्रा कर रहे थे उसका नंबर यूके 04 एन-9901 था। जबकि ट्रक का नंबर यूपी 61 के- 0447 था। शव को मैजिक में लादकर भेजने को लेकर परिजनों में अफसरों व पुलिस के प्रति आक्रोश देखने को मिला। इनसेट..इलाहाबाद रेलवे में अधिकारी हैं एक भाईइंद्रेश कुमार के एक भाई अजय कुमार इलाहाबाद रेलवे में बड़े अधिकारी बताए जा रहे हैं।

इंद्रेश कुमार के एक भाई का नाम राजू है। यह जानकारी इंद्रेश कुमार के साढ़ प्रेमचंद्र ने दी। इनसेट..कौशाम्बी के पूर्व सांसद के दामाद थे इंद्रेश कुमारइंद्रेश कुमार की शादी वर्ष 1995 में नैनी की रहने वाली माधुरी देवी के साथ हुई थी। माधुरी देवी पूर्व कौशाम्बी सांसद व भाजपा नेता अमृतलाल भारतीय की पुत्री बताई जा रही हैं। यह जानकारी भी इंद्रेश कुमार के साढ़ाू ने दी। बता दें कि अमृतलाल भारतीय भाजपा नेता हैं और वह कौशाम्बी में चार बार सांसद चुने गए थे।

तब कौशाम्बी चायल सीट के नाम से जानी जाती थी। वह वर्ष 1996, 98, 99 व 2004 में सांसद रहे।

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