DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पेट्रोल-डीजल पर उपकर लगाने वाला विधेयक उच्चसदन में फंसा --बहुमत

राज्य मुख्यालय विशेष संवाददाता। विधानपरिषद में राज्य सरकार बहुमत के अभाव में एक और विधेयक पारित नहीं करा सकी। मुख्य विपक्षी दल बहुजन समाज पार्टी के विरोध के कारण बुधवार को उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2014 प्रवर समिति को भेज दिया गया। इस विधेयक के जरिए सरकार को पेट्रोल व डीजल में उपकर लगाने का अधिकार मिलने का प्रावधान किया गया है।

नेता सदन अहमद हसन द्वारा विधेयक रखे जाने पर बसपा के नसीमुद्दीन सिद्दीकी, महेश आर्य, सुनील कुमार चित्तौड़, हुस्ना सिद्दीकी, आरएस कुशवाहा, लोकेश प्रजापति, लाल चन्द निषाद व डा. राम कुमार कुरील ने संशोधन प्रस्तुत करते हुए इसे सदन की एक प्रवर समिति को सुपुर्द करने की मांग की।

श्री सिद्दीकी का कहना था कि सरकार ने विधेयक के मार्फत पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इसी के साथ अन्य वस्तुओं के नाम पर सरकार और किन-किन वस्तूओं पर टैक्स बढ़ायेगी, यह साफ नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि पहले से ही महंगाई के बोझ से दबी जनता पर राज्य सरकार और भार डालने की तैयारी कर चुकी है। नेता सदन ने बसपा से संशोधन वापस लेने का अनुरोध किया लेकिन बसपा नहीं मानी और विधेयक प्रवर समिति को सौंपने का संशोधन ध्वनि मत से पारित हो गया।

इससे पहले भी मौजूदा बजट सत्र में दो अन्य विधेयक पहले ही प्रवर समिति को भेजे जा चुके हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पेट्रोल-डीजल पर उपकर लगाने वाला विधेयक उच्चसदन में फंसा --बहुमत