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थरूर, फारेंसिक चिकित्सक से हो सकती है पूछताछ: पुलिस

थरूर, फारेंसिक चिकित्सक से हो सकती है पूछताछ: पुलिस

एम्स के एक वरिष्ठ फारेंसिक चिकित्सक द्वारा सुनंदा पुष्कर की आटोप्सी रिपोर्ट में फेरबदल करने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाये जाने की खबरों के बीच दिल्ली पुलिस ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह उनसे और पूर्व केन्द्रीय मंत्री शशि थरूर से पूछताछ करेगी।

दिल्ली पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने कहा कि भविष्य में इस मामले में क्या होगा मैं अभी आपको नहीं बता सकता, लेकिन आपको यह बताना चाहूंगा कि मामले में जांच जारी है। जो भी जरूरी है वह किया जा रहा है। यदि डा़ गुप्ता से पूछताछ करने की जरूरत पड़ी तो उनसे की जायेगी।

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के समक्ष प्रतीत होता है कि उन्होंने हलफनामा दाखिल किया है। यदि आवश्यकता पड़ी तो उसे रिकार्ड में लिया जायेगा। दिल्ली पुलिस प्रमुख ने कहा कि हम कानूनी स्थिति और साक्ष्यों की प्रासंगिकता को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहे हैं। यदि थरूर से पूछताछ की जरूरत हुई तो वह भी किया जायेगा।

सुनंदा 17 जनवरी की रात दक्षिणी दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में मत पायी गयी थी। इससे एक दिन पहले उसकी पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से टिवटर पर नोंकझोंक हुई थी जिसका कारण था थरूर के साथ महिला पत्रकार के कथित संबंध।

अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 174 के तहत सुनंदा मामले में जांच प्रक्रिया शुरू की गयी है। इसके तहत यदि किसी महिला की विवाह के सात साल के भीतर उसकी मौत हो जाती है तो मौत की जांच सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट करता है।

एसडीएम के कहने के बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की थी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा संस्था के डॉ सुधीर गुप्ता ने अपने कथित आरोपों के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह सक्षम अधिकारियों के समक्ष पहले ही तथ्य बता चुके हैं।

उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। यह एक कानूनी मामला है। एक गंभीर मुद्दा है। मैं मीडिया के साथ साझा नहीं कर सकता। मैं सरकारी कर्मचारी हूं। मैं जो भी कहना चाहता था उसे मैं सक्षम स्थान पर बता चुका हूं।

सुनंदा का पोस्टमार्टम करने वाले दल का नेतृत्व कर चुके डॉ गुप्ता ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि उन पर इस बात का दबाव डाला गया कि मौत को स्वाभाविक बताया जाये, जिसका उन्होंने विरोध किया।

आटोप्सी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि सुनंदा के हाथों पर करीब दर्जन भर चोट के निशान हैं तथा उसकी ठोड़ी पर खरोच का निशान है। इससे भोथरे बल के प्रयोग का संकेत मिलता है। साथ ही उसकी बायीं हथेली के किनारे पर दांतों से काटने के गहरे निशान थे। एम्स में आटोप्सी के बाद विसरा नमूनों को संरक्षित कर लिया गया और आगे के परीक्षणों के लिए सीएफएसएल (केन्द्रीय फारेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला) भेजा गया।

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