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होम साइंस :करियर के साथ जिन्दगी में भी बहार

होम साइंस :करियर के साथ जिन्दगी में भी बहार

कुछ समय पहले तक ऐसा माना जाता था कि महिलाओं की भूमिका सिर्फ घर की रसोई तक ही सीमित है तथा उसकी बारीकियों पर भी केवल उन्हीं का एकाधिकार है। पर धीरे-धीरे इस सोच एवं अवधारणा में बदलाव आया और महिलाओं ने घर की डय़ोढ़ी से बाहर कदम निकाल कर नया इतिहास रचा। हालांकि उन्होंने किचन कल्चर को अपने से जुदा नहीं होने दिया। उन्होंने बदलते सामाजिक परिवेश एवं भागमभाग वाली जीवनशैली में भी इसके वैज्ञानिक पहलुओं को दृढम्ता के साथ अपनाया है।
    
देखा जाए तो गृह विज्ञान (होम साइंस) की यह विधा कई सारे आयामों को अपने अंदर समेट कर जीवन को सुगम बनाने में सशक्त भूमिका निभा रही है। विगत कुछ वर्षों से गृह विज्ञान का क्षेत्र एवं पाठय़क्रम अधिक चर्चित हुआ है, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण एवं ट्रेनिंग, क्लोदिंग एवं टेक्सटाइल तथा इंटीरियर डेकोरेशन आदि को शामिल किया जाता है। लड़कियों के लिए यह क्षेत्र काफी सुकूनदायक एवं रोजगारपरक है।
 
कोर्स एवं उससे जुड़ी योग्यता
गृह विज्ञान में करियर बनाने के इच्छुक बारहवीं के बाद इसमें अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। यदि कोई छात्र गृह विज्ञान में बीएससी करना चाहता है तो उसे 50 प्रतिशत अंकों के साथ 10+2 की परीक्षा विज्ञान वर्ग (फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलॉजी) विषयों के साथ पास करना अनिवार्य है। कई संस्थान नेचुरल साइंसेज, फिजिकल साइंसेज, एग्रीकल्चर साइंसेज एवं होम साइंस में वोकेशनल कोर्सेज वालों को भी दाखिला देते हैं, जबकि इसमें पीजी डिप्लोमा अथवा डिप्लोमा करने के लिए किसी मान्यताप्राप्त संस्थान से स्नातक होना आवश्यक है।

होम साइंस में एमएससी करने के लिए छात्र के पास किसी संस्थान से बीएससी अथवा उसके समकक्ष डिग्री होनी चाहिए। साथ ही पीएचडी करने के लिए होम साइंस में एमएससी अथवा उसके समकक्ष योग्यता होनी आवश्यक है।

करियर की संभावनाएं
होम साइंस से संबंधित कोर्स करने वाले छात्रों के सामने रोजगार के कई अवसर सामने आते हैं, जो निम्न रूप में हैं-
प्रोडक्शन जॉब- इसके अंतर्गत फूड प्रिजरवेशन, ड्रेस मेकिंग, कुकिंग आदि आते हैं तथा इसमें स्नातक छात्र टेक्सटाइल बिजनेस, फैशन डिजाइनिंग के साथ-साथ होटल एवं फूड इंडस्ट्री में काम कर सकते हैं।

रिसर्च जॉब- इस क्षेत्र में शोध के प्रमुख विषय जैसे मदर्स, फार्मर्स, विलेजर्स, फूड वैल्यू, फूड आइटम्स आदि को शामिल किया गया है। इसमें प्रयोगशालाओं में रिसर्चर, साइंटिस्ट के रूप में काम करना होता है।

सेल्स जॉब- फूड आइटम्स का सेल्स प्रमोशन (खासकर बेबी फूड) संबंधी कार्य इस विभाग के अंतर्गत किया जाता है। इसमें अनुभव और जानकारी की दृष्टि से होम साइंस के ग्रेजुएट उपयुक्त होते हैं।

सर्विस जॉब- किसी होटल, रेस्तरां, टूरिस्ट रिजॉर्ट, कैटरिंग सेंटर में हाउस कीपिंग डिपार्टमेंट एवं देखरेख संबंधी कार्य किए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त भी इसमें कई तरह के अवसर हैं।

टीचिंग जॉब- होम साइंस में बैचलर डिग्री होने पर किसी प्राइमरी स्कूल में, पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री होने पर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तथा पीएचडी डिग्री होने पर कॉलेज में प्रोफेसर तक की राह आसानी से खुल
जाती है।

टेक्निकल जॉब- कई मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री होम साइंस में स्नातकों को रिसर्च असिस्टेंट की भूमिका में रखना आवश्यक समझती हैं तथा उन्हें ठीक-ठाक सेलरी भी देती हैं।
   
इन पदों पर मिलता है काम
- इंटीरियर डेकोरटर
- ड्रेस डिजाइनर
- डायटीशियन
- न्यूट्रीशनिस्ट 
- महिला बाल विकास अधिकारी
- शिक्षिका
- टीवी या रेडियो कलाकार
- नर्सरी स्कूल संचालिका
- प्रसार कार्यकर्ती
- फूड टेक्नोलॉजिस्ट
- प्रसार अधिकारी 
- प्रबंधक

मिलने वाली सेलरी
होम साइंस में पृष्ठभूमि होने पर किसी भी प्रोफेशनल को प्रारंभ में 15,000 से 18,000 रुपए की सेलरी बतौर ट्रेनी मिलती है, जबकि अनुभव बढ़ने पर इसमें इजाफा होता है। न्यूट्रिशन जैसे क्षेत्रों में यह राशि 30,000 रुपए तक पहुंचती है। रिसर्च, टीचिंग, कैटरिंग आदि में नौकरी के इच्छुक लोगों को आकर्षक सेलरी दी जाती है। इसी तरह से फूड टेक्नोलॉजिस्ट भी मोटी रकम पाते हैं। अपनी प्रैक्टिस के आधार पर डायटीशियन कंसल्टेंट भी उच्च सेलरी को आसानी से छू सकते हैं।
   
कुछ प्रमुख कोर्स
बीए/बीएससी इन होम साइंस
एमए/एमएससी इन होम साइंस
पीएचडी इन होम साइंस
डिप्लोमा इन होम साइंस

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