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क्लिन्समैन की निगाहें 2018 विश्व कप पर

क्लिन्समैन की निगाहें 2018 विश्व कप पर

अमेरिकी कोच जर्गेन क्लिन्समैन ने अपने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत होने की अपील करते हुए 2018 में होने वाले विश्व कप फुटबॉल पर ध्यान लगाने को कहा।

अमेरिका की टीम मंगलवार को अंतिम-16 में बेल्जियम से 2-1 से हारकर ब्राजील में चल रहे विश्व कप से बाहर हो गयी। अमेरिका को जर्मनी, पुर्तगाल और घाना के साथ कड़े ग्रुप में रखा गया था लेकिन उसकी टीम ने दूसरे दौर में पहुंचकर फुटबॉल पंडितों को गलत साबित कर दिया था।

क्लिन्समैन अपनी टीम के प्रदर्शन से प्रसन्न थे लेकिन जर्मनी के इस पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी की नजरें अब आगे की चुनौतियों पर टिकी हैं। अमेरिका को अगले साल कोनकाकैफ गोल्ड कप क्षेत्रीय टूर्नामेंट में भाग लेना है। उसके बाद 2016 में अमेरिका में होने वाले कोपा अमेरिका और रियो डि जनेरियो में होने वाले ओलंपिक खेलों पर उसकी निगाह है।

इन टूर्नामेंट के बाद रूस में 2018 में विश्व कप होना है और क्लिन्समैन ने कहा कि वह इस फुटबॉल महाकुंभ को ध्यान में रखकर आगे की रणनीति बनाएंगे लेकिन वह चाहते हैं कि इससे पहले उनकी टीम मानसिक रूप से मजबूत बने।

क्लिन्समैन ने कहा, हम अब भी सीखने की प्रक्रिया में है। मुझे लगता है कि बड़े टूर्नामेंट में खेलने पर हम विरोधी टीम को कुछ ज्यादा तवज्जो दे देते हैं। हम उनकी आंखों में आंख डालकर क्यों नहीं खेल सकते।

उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि इसमें कितना समय लगेगा लेकिन हमें अपना रवैया बदलना होगा। खिलाड़ियों को यह मानना होगा कि उन्हें विरोधी टीम को प्रतिद्वंद्वी के रूप में लेना है।

क्लिन्समैन ने कहा कि इसके लिए नींव रखी जा चुकी है तथा बेल्जियम के खिलाफ गोल करने वाले जुलियन ग्रीन जैसे खिलाड़ी टीम का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि हमें नए युवा खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए रास्ता ढूंढना होगा और प्रत्येक स्तर पर अपने खेल को विकसित करने के लिए बेहतर कार्यक्रम बनाना होगा। मैं समझता हूं कि इस दिशा में हमने काफी काम कर दिया है।

क्लिन्समैन ने कहा कि हम ओलंपिक को लेकर काफी उत्साहित हैं। हमारे लिए अगले दो साल में फिर से रियो डि जनेरियो लौटकर अच्छा प्रदर्शन करना काफी अहम है। 

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