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बीकॉम, साइंस की कटऑफ में कमी संभव

बीकॉम, साइंस की कटऑफ में कमी संभव

दिल्ली विश्वविद्यालय के ज्यादातर कॉलेज अपनी दूसरे कटऑफ में दो से ढाई फीसदी की गिरावट कर सकते हैं। दरअसल, मंगलवार से शुरू हुई दाखिला प्रक्रिया के पहले दिन छात्रों की संख्या सीमित दिखी। कई कॉलेजों में तो पूरे दिन में कुल 50 दाखिले भी नहीं हो पाए। कॉलेज कोर्स विशेष में ऊंची कटऑफ को इसके लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।

डीयू प्रशासन के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि इस साल आवेदन किए बगैर दाखिला देने की वजह से ज्यादातर कॉलेजों की उम्मीद थी कि एक सीट के लिए अधिक छात्र आएंगे। इस वजह से ज्यादातर कोर्स की कटऑफ को पिछले साल से चार से पांच फीसदी ज्यादा रखा गया लेकिन कई कॉलेज में कटऑफ ज्यादा होने की वजह से छात्र दाखिला लेने नहीं पहुंचे। इन कॉलेजों में मुख्य रूप से बाहरी कैंपस के कॉलेज शामिल हैं। 

कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज के प्रार्चाय डॉ. इंद्रजीत डागर ने बताया कि पहली कटऑफ में इकोनॉमिक्स और बीकॉम ऑनर्स के अंक 98 से 99 फीसदी रखने की वजह से पहले दिन दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या कम रही। हालांकि अभी दाखिले के लिए दो दिन का समय है लेकिन अगर छात्रों की संख्या सीमित रही तो हम अपने कटऑफ में एक से डेढ़ फीसदी की कमी कर सकते हैं।

वहीं, किरोड़ीमल कॉलेज के प्राचार्य एससी गुप्ता ने बताया कि पहले दिन दाखिले उम्मीद से काफी कम रहे। हमारे यहां कुल 388 दाखिले हुए। सबसे ज्यादा दाखिले इंग्लिश ऑनर्स में हुए। गार्गी की प्राचार्य डॉ. शशि त्यागी ने दूसरी कटऑफ में 0.5 से एक फीसदी तक की कमी की संभावना जताई। पहले दिन बीकॉम, पॉलिटिक्ल साइंस और इंग्लिश ऑनर्स में दाखिले हुए। सबसे ज्यादा दाखिले बीकॉम ऑनर्स में हुए। उन्होंने बताया कि छात्रों की संख्या को देखते हुए कुछ अहम कोर्स में दूसरी कटऑफ के आने की संभावना कम है। कुछ कोर्स में 0.5 से एक फीसदी की कमी की जा सकती है।

उम्मीद
- आवेदन किए बगैर दाखिला देने की वजह से कॉलेजों को ज्यादा छात्रों के आने की उम्मीद थी
- पिछले साल के मुकाबले ज्यादातर कोर्स के कटऑफ को चार से पांच फीसदी ज्यादा रखा
- इसके चलते छात्र दाखिला लेने नहीं पहुंचे, बाकी दो दिनों में इनके आने की उम्मीद है कॉलेजों को

पहले दिन किस कितने दाखिले
369 एसआरसीसी 
470 गार्गी कॉलेज 
250 हिन्दू कॉलेज  
100 शहीद भगत सिंह  
41 एआरएसडी  
26 आचार्य नरेंद्रदेव  

ओबीसी सर्टिफिकेट पर रही  दुविधा

पहले दिन दाखिला लेने आए छात्र जाति प्रमाण पत्र को लेक खासे परेशान दिखे। खास तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्र को लेकर छात्र असमंजस की स्थिति में थे।

साउथ कैंपस के डीन दिनेश वार्ष्णेय ने बताया कि छात्र जाति प्रमाण पत्र को लेकर दिशा-निर्देश को ध्यान में रखें तो उन्हें दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि अन्य पिछड़े वर्ग से आने वाले छात्र दाखिला लेने के लिए आते समय अपना जाति प्रमाणपत्र जरूर लाएं। प्रमाण पत्र में तहसील दार से नीचे स्तर के अधिकारी के हस्ताक्षर को मान्य नहीं माना जाएगा।

54000 कुल सीटें हैं दिल्ली विश्वविद्यालय में
09 बजे सुबह से दोपहर एक बजे तक दाखिला मिलेगा
04 बजे शाम से 07 बजे तक सांध्य कॉलेजों में दाखिला होगा
27,270 सीटें सामान्य वर्ग के लिए

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