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मानसून की बरसात ने बदल दी चेहरों की रंगत

बस्ती। निज संवाददाता। रविवार से दोबारा सक्रिय हुए मानसून से सोमवार की रात हुई झमाझम बरसात ने मुरझाए चेहरों की रंगत बदल दी है। इसी के साथ सुलतानपुर में ठहरा मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ चला है। पिछले 24 घण्टे में 57 मिमी. बरसात रिकार्ड की गई।

बरसात से शहर के कुछ इलाकों में जलभराव हो गया है। खेतों में पानी भर गया है। किसानों ने कृषि कार्य शुरू कर दिया है। नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि कुमारगंज के मौसम विज्ञानी प्रो. पद्माकर त्रिपाठी ने बताया कि सुलतानपुर तक आकर ठहरा मानसून मंगलवार को आगे बढ़ गया है।

पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने से रविवार की रात से मानसून सक्रिय हो गया। सोमवार की रात से पूरे पूर्वाचल में अच्छी बारिश हुई है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में फिर नया सिस्टम बन रहा है।

अगले दो-तीन दिन में फिर अच्छी बरसात होगी। इस बीच बदली और बूंदाबांदी होती रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम का जो पूर्वानुमान मिला है, उसके अनुसार पूरे जुलाई भर रुक-रुक बारिश का सिलसिला चलता रहेगा। इस माह सामान्य बारिश लगभग 270 मिमी की उम्मीद है।

जलभराव से घिरी शहर की सड़कें- बरसात के कारण गलियों में कीचड़ फैल गया है। इस समय शहर के नालों की सफाई की जा रही है। बरसात होने से बाहर पड़ा नालों का कीचड़ फिर से नालों में समा गया है। गंदा पानी जगह-जगह जाम हो गया है। गांधीनगर एवं पुरानी बस्ती में अनेक लोगों ने नालों के ऊपर निर्माण करवा लिया है। इससे नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। कई सरकारी कार्यालयों के परिसर में पानी भर गया है।

कलक्ट्रेट परिसर में पानी भरा रहा। कलक्ट्रेट परिसर की सड़कों के किनारे पानी जमा रहा। एसपी आफिस, बीएसए कार्यालय, केडीसी व एपीएन कॉलेज, बैरियहवा, आवास विकास कालोनी, रामेश्वरपुरी, ब्लॉक रोड, राजा मैदान के विद्यालाय, जीआईसी परिसर व अन्य कार्यालयों के परिसर में पानी भर गया। पुरानी बस्ती के दक्षिण दरवाजा चिकवा टोला पर मार्ग पर कीचड़ हो गया है। उसके चलते लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। र्हैया, बभनान, कप्तानगंज, सोनहा, भानपुर आदि कस्बों में भी जलभराव हो गया है।

गांवों में गलियां जलभराव का शिकार हो गई है। लोगों का सड़को पर से निकलना कठिन हो गया है।

खेतों में भरा पानी, कृषि कार्य में आई तेजीः लगभग एक माह से किसान मानसून की बरसात की राह देख रहे थे। बरसात की प्रतीक्षा की जा रही थी। आखिर मेघराज मेहरबान हो गए। काफी प्रतीक्षा के बाद जमकर बरसात हुई। देर से ही सही इस बरसात ने खेती की रंगत वापस ला दी है। इस बरसात से कृषि कार्य में तेजी आ गई है।

जिन किसानों की नर्सरी तैयार थी रोपाई की तैयारी में जुट गए हैं। जेडीए अशोक कुमार ने बताया है कि जुलाई माह के प्रथम दिन बरसात ने किसानों को खुश कर दिया है। उन्होंने कहा है कि धान की रोपाई के लिए माहौल अनुकूल मिल गया है। जिन किसानों ने अभी रोपाई नहीं की है वे तैयारी कर लें। रोपाई कार्य शुरू कर दें। डीडीए डॉ. पीके कन्नौजिया ने बताया कि विभाग के फील्ड स्टाफ को निर्देश दिया गया है कि गांव में जाकर किसानों का मार्गदर्शन करें।

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