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मेरिट लिस्ट में आनेवाले कंपनी कमांडरों ने दिया योगदान

रांची। विशेष संवाददाता। दारोगा नियुक्ति में हुई गड़बड़ी के बाद डीजीपी राजीव कुमार ने मामले की जांच कराई थी। जांच में पाया गया कि कंपनी कमांडर नियुक्ति में भारी गड़बड़ी हुई है। 42 नवनियुक्त कंपनी कमांडर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था और इनके स्थान पर नई सूची तैयार की गई थी।

नई सूची में मेरिटवाले जो भी आए, उन सबने 22 जून तक प्रशिक्षण के लिए हजारीबाग के पीटीसी में योगदान कर दिया है। जांच के बाद संचिका गृह विभाग को भेजी गई थी, वहां से पुलिस मुख्यालय को यह निर्देश दिया गया था कि जो मेरिट में आए हैं, उन्हें नियुक्ति पत्र दे दिया जाए।

जिन्होंने किया योगदान : प्रकाश रंजन, आरके विपुल, विनय कुमार, संजय कुमार सिंह, सुधीर कुमार, रोहित कुमार, दिनेश सिंह, उदय लाल बहला, रोहित कुमार, धीरज कुमार, रंजीत कुमार सिंह, कृष्ण मुरारी पांडेय, अनुज कुमार, राजीव कुमार गौरव, अरविंद कुमार, संजय कुमार यादव, ध्रुव कुमार तिवारी, एमके मिश्रा, कैलाश सिंह, दीपक जय कुमार, अजीम अंसारी, मो रमजान अंसारी, मो मजीद आलम ने योगदान दिया है। इन्होंने की थी जांच : जांच कमेटी के अध्यक्ष डीजीपी राजीव कुमार थे। इसके अलावा एडीजीपी बीबी प्रधान, आइजी एमएस भाटिया, रांची के पूर्व डीआइजी शीतल उरांव, नगिरानी ब्यूरो के पूर्व डीआइजी परमेश्वर रविदास, डीआइजी उपेंद्र कुमार, डीआइजी शंभू ठाकुर आदि शामिल थे।

सरकार को दी गई थी रिपोर्ट : दारोगा नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद पूरे मामले पर सरकार को रिपोर्ट दी गई थी। सरकार स्तर इस मामले में फिलहाल कुछ नहीं हुआ है। गृह विभाग ने ही मामला का निपटारा कर दिया है। बर्खास्त कमांडर मांग रहे हैं इंसाफ : बर्खास्त कंपनी कमांडरों ने मुख्यमंत्री और अन्य पदाधिकारियों को पत्र लिखकर इंसाफ की मांग की है। कंपनी कमांडरों का कहना है कि इन सबका कोई दोष नहीं है। गलत ढंग से बहाल करनेवाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

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