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शासन का आदेश बेअसर, न फॉर्म छपे ना काउंटर खुले

मुजफ्फरपुर। वरीय संवाददाता। सरकारी घोषणा के बावजूद प्रखंडों में मंगलवार से सामाजिक, आर्थिक व जाति आधारित जनगणना सूची में नाम अंकित कराने के लिए विशेष काउंटर नहीं खोले गए। अभी तक फॉर्म भी नहीं छपवाये गये हैं। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि कुछ प्रखंडों में लगातार बारिश के कारण काउंटर नहीं खुल सके हैं, जबकि कुछ ब्लॉकों में खोल दिये गये हैं।

मुजफ्फरपुर समेत सूबे के अन्य जिलों में सामाजिक-आर्थिक व जाति आधारित जनगणना सूची में काफी संख्या में लोगों का नाम छूट जाने से आन्दोलन जारी है। सरकार ने मंगलवार से प्रखंडों में इसके लिए विशेष काउंटर खोलने की घोषणा की थी। विशेष काउंटर से सूची में सुधार के लिए लाभुकों को मुफ्त में फॉर्म देना है।

उनकी ओर से भरे गये फॉर्म की रिसीविंग देनी है। ग्रामीण विकास विभाग के सचवि के निर्देशानुसार यह काम पहले 31 जुलाई तक चलेगा। फिर सूची का प्रकाशन होने के बाद भी मतदाता सूची में सुधार की तरह अनवरत जारी रहेगा। इसके बावजूद मंगलवार को पहले दिन जिले के अधिकांश प्रखंडों में इसके लिए विशेष काउंटर नहीं खोले गए थे। किसी भी प्रखंड में लाभुकों को मुफ्त में देने के लिए अब तक फॉर्म प्रिंट नहीं कराये गए हैं। मजबूरी में लोग पांच से दस रुपये में फॉर्म खरीद रहे हैं।

इधर, मंगलवार को सकरा के बीडीओ ने 400, कुढ़नी के बीडीओ ने 300 आवेदन जमा होने की बात कही। बंदरा के बीडीओ ने काउंटर खोलने के लिए अनुसेवी की प्रतिनियुक्ति किये जाने की बात कही, लेकिन अब तक काउंटर का पता नहीं है। जिला आपूर्ति अधिकारी हरिनारायण पासवान अवकाश पर हैं।

उन्होंने बताया कि सोमवार को कुढ़नी प्रखंड की चार पंचायतों में जाकर स्थिति का आकलन किया है। मंगलवार से फॉर्म जमा होने व उसकी प्रिंटिंग की जिम्मेदारी सभी बीडीओ को है। स्थिति की जानकारी उन्हीं से मिल सकती है।

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