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खड़ंजा लगाने से रोकने पर पुलिस को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

देवीगंज-कड़ा। हिन्दुस्तान संवाद। धार्मिक स्थल में खड़ंजा लगा रहे ग्रामीणों का विरोध करना पुलिस को महंगा पड़ गया। आक्रोशित भीड़ ने चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को दौड़ाकर पीटा। एक सिपाही की रायफल तक तोड़ डाली गई। जानकारी पर पहुंची थाने की फोर्स पर भी पथराव किया गया। इसके बाद लोगों के गुस्से का शिकार उस व्यक्ति का घर बना जिसमें एक सिपाही जान बचाने के लिए घुसा था। घटना से गांव में घंटों अफरा-तफरी रही। बाद में एसडीएम और सीओ ने कई थानों की फोर्स के साथ जाकर स्थित को काबू में किया।

विवाद सुलझाने के लिए एसडीएम ने मंदिर के पुजारी को बुधवार को तहसील में बुलाया है। सैनी कोतवाली के सौरई बुजुर्ग के मजरा अन्तू का पुरवा गांव में वर्षों पुराना काली माता का मंदिर है। यह मंदिर ग्राम समाज की जमीन पर बना है। मंदिर से करीब तीस फिट की दूरी पर गांव के ननकू लाल, लालता व फूलसिंह ने घर बना लिया था। जिसका विरोध गांव के लोग करते थे। ग्रामीणों का आरोप था कि मंदिर की जमीन पर कब्जा किया जा रहा है।

इस पर एसडीएम के यहां पहले से शिकायत की गई थी। मंदिर में हर साल उतारा होता है। गांव के आठ पुरवों के लोग उतारे में शामिल होते हैं। मंगलवार को उतारा से पहले करीब तीन सौ के करीब गांव के लोग मंदिर पहुंचे और परिसर में खड़ंजा लगाने लगे। इस बीच बगल में गीली मिट्टी पड़ी थी। लोगों ने इसी मिट्टी से जिस तरफ ननकू आदि का घर था दीवार जोड़ना शुरू कर दिया। इसका विरोध ननकू आदि ने किया।

मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना पर देवीगंज चौकी प्रभारी हरशिंकर सिंह हमराही सिपाही मंजीत सिंह और चिंतामणि यादव के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने काम बंद करने को कहा तो ग्रामीणों से नोकझोक हो गई। इस बीच सिपाही मंजीत सिंह ने एक युवक के सिर पर डंडा मार दिया। इसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिस वालों को पीटना शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। सिपाही चिंतामणि ने जान बचाने के लिए शरीफाबाद निवासी पप्पू गौतम के घर में घुस कर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

भीड़ ने मकान का दरवाजा तोड़कर सिपाही को बाहर निकाला और फिर पीटा। इस बीच सैनी के प्रभारी कोतवाल श्री प्रकाश यादव साथी दरोगा केवी त्रिपाठी, सिपाही धर्मेन्द्र पटेल, अजय कुमार, श्री राम मौर्या, भुवाल सिंह, गौरव के साथ पहुंचे पर पब्लिक ने उन पर पथराव कर दिया। मामले की खबर मिलने पर एसपी आरपी सिंह, एसडीएम सिराथू बीआर मिश्र, सीओ बीबी चौरासिया, पूरामुफ्ती, कोखराज, क्यूआरटी और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे तब जाकर मामला शान्त हुआ। एसडीएम ने मंदिर के पुजारी रामू शर्मा को तहसील आकर बात करने को कहा है।

पुजारी के कहने पर ग्रामीण अपने घरों को चले गए हैं। एसपी आरपी सिंह ने बताया कि गांव के दो गुटों में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात की गई है। शिफ्टवार आस-पास के थानेदारों की डय़ूटी लगाई गई है। क्या कहते हैं अधिकारीउपद्रव करने वाले ग्रामीणों को चहि्न्ति किया जा रहा है। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानून से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आरपी सिंह, पुलिस अधीक्षक कौशाम्बीसिपाही अजय की तोड़ी गई रायफलग्रामीणों के हंगामे के दौरान हो रहे पथराव में सिपाही अजय कुमार की रायफल टूट गई है।

किसी तरह भाग कर उसने अपनी जान बचाई। बवाल के बीच पुलिस कर्मियों को जिधर जगह दिखी वह उधर भाग निकले। पप्पू का बेटा भी हुआ जख्मीसिपाही चिंतामणि को बाहर निकालने के दौरान जब ग्रामीण दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो वहां पप्पू का सात वर्षीय बेटा भी भीड़ की चपेट में आ गया। भगदड़ में बच्चा भी जख्मी हुआ है। इलाज के लिए उसे सीएचसी इस्माइलपुर भेजा गया है।

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