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डीआईजी करेंगे कांठ में पुलिस लाठीचार्ज की जांच

विशेष संवाददाता/राज्य मुख्यालय। विधान पिरषद के सभापित गणेश शंकर पाण्डेय ने मंगलवार को सरकार को निर्देश दिए कि मुरादाबाद के कांठ में हुई हिंसा में पुलिस ज्यादती के आरोपों की जांच डीआईजी रेंज स्तर के अधिकारी से कराई जाए। सभापित ने यह निर्देश बसपा सदस्यों द्वारा शून्य प्रहर में काम रोको प्रस्ताव के जिरये कांठ हिंसा का मुद्दा उठाए जाने पर दिए।

शून्य प्रहर में बसपा के नसीमुद्दीन सिद्दीकी, आर.एस. कुशवाहा, लोकेश प्रजापित आदि ने कांठ में मिंदर पर पुलिस द्वारा लाउड स्पीकर हटाए जाने और लाठीचार्ज किए जाने का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने बेरहमी से लोगों की पिटाई की। करीब बीस लोग जख्मी हैं और अस्पतालों में भर्ती हैं। मंदिर में अनुसूचित जाति जनजाति के लोग लंबे अरसे से पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

लोगों ने लाउड स्पीकर हटाने का विरोध किया तो पुलिस ने लाठियां भांजी, लोगों को बुरी तरह पीटा। फायरिंग की,जिंसमें सैकड़ो लोग जख्मी हुए हैं। उल्टे लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। नेता सदन अहमद हसन ने कहा कि सरकार कोई नई परंपरा नहीं डालने देगी।

गांव के कुछ लोगों ने लाउड स्पीकर लगाने की शिकायत की थी। जिसे विधिक नियमों के तहत हटाया गया। लोगों ने जमा लगा दिया था जिसे हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि सदन को गुमराह किया जा रहा है।

सरकार जांच करवा ले पुलिस ने अगर उत्पीड़न नहीं किया होगा व लोगों को चोट नहीं आई होगी तो वह अपनी नोटिस वापस ले लेंगे। इस पर भाजपा दल के नेता हृदय नारायण दीक्षित ने कहा वह बसपा सदस्यों के साथ हैं और कांठ में सरकारी हिंसा हुई है।

इसके लिए परिषद की पांच सदस्यीय सिमित बनाई जाए और उसे मौके पर भेज कर जांच कराई जाए। इस पर नेता सदन के आश्वासन देने पर कि वह जांच करवा लेंगे। सभापित ने सरकार को निर्देश दिए कि मामले में डीआईजी स्तर के अधिकारी से जांच करवा कर सदन को अवगत कराएं।

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