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उत्तराखंड में छाया मानसून

देहरादून। वरिष्ठ संवाददाता। प्रदेश में मानूसन ने दस्तक दे दी है, मौसम विभाग ने मंगलवार को इसकी औपचारिक घोषणा कर दी। अगले 48 घंटे में प्रदेश के सभी इलाकों में बारिश होने की संभावना है। कुछ जगह भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। चारधाम यात्रा मार्ग में भी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने सरकार को सतर्क किया है। मौसम के बार-बार मिजाज बदलने से विभाग बारिश के बावजूद बीते दो दिन से मानसून की घोषणा करने में हिचक रहा था।

लेकिन मंगलवार दोपहर तक बारिश के मजबूत संकेत मिल गये। इसके बाद मौसम केंद्र देहरादून ने प्रदेश में मानसून के आगमन की औपचारिक घोषणा कर दी। बीते साल के मुकाबले इस साल मानसून 15 दिन देरी से आया है। मानसून के आगमन के साथ ही मौसम विभाग ने दो दिन बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। इसके मुताबिक कुमाऊं और गढ़वाल के तकरीबन सभी इलाकों में बारिश होगी। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश मध्यम स्तर तक की होने की संभावना है।

चम्पावत और दून के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने गढ़वाल के पहाड़ी क्षेत्रों और चार धाम यात्रा मार्ग पर 20 से 50 मिमी तक बारिश की संभावना व्यक्त की है। मौसम केंद्र निदेशक आनन्द शर्मा ने बताया कि चारधाम यात्रा में सावधानी बरतने को लेकर उन्होंने प्रदेश सरकार को सूचना भेज दी है।

बीते साल तबाही लेकर आया था मानसून15 जून 2013 को सुबह सवा ग्यारह बजे मौसम विभाग ने की थी मानसून के आने की घोषणा 48 घंटे के भीतर ही केदारनाथ, रामबाड़ा, बदरीनाथ और गौरीकुंड में मचाई भारी तबाही 24 घंटे में ही 220 मिमी बारिश हुई जिसने 88 साल का रिकार्ड तोड़ डाला।

लेकिन इसके अगले 12 घंटे में ही यह रिकार्ड फिर धराशायी हो गया और इस बार वक्त भी आधा ही लगा। 188 मिमी का रिकार्ड इससे पहले 28 जून 1925 को बना थाभूस्खलन वाले इलाकों में चिंताजिन पहाड़ी क्षेत्रों में पिछली बरसात में भूस्खलन हो चुका है वहां मानसून का आना तनाव देने वाली खबर साबित हो सकती है। दरअसल मिट्टी और चट्टानों की सतहों के कमजोर और अव्यवस्थित होने के कारण ऐसी जगहों पर थोड़ी बारिश भी बड़ा नुकसान कर सकती है।

ऐसे इलाकों में आम जनता और प्रशासन दोनों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। आनंद शर्मा, निदेशक मौसम केंद्र मानसून सीजन की पहले से तैयारियां की जा चुकी हैं। वैसे इस बार का मानसून कुछ हल्का है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर व डिस्ट्रिक इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटरों को अलर्ट कर दिया है। उनमें सेटेलाइट फोन के साथ ही अन्य सभी उपकरण मौजूद हैं। जिन इलाकों में सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका है, वहां राशन व कैरोसिन पहले ही स्टोर कर दी गई है। सुभाष कुमार मुख्य सचिव।

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