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कटऑफ के लिए अकादमिक विषय करने होंगे शामिल

नई दिल्ली। कार्यालय संवाददाता। दिल्ली विश्वविद्यालय में मंगलवार से पहली कटऑफ का दाखिला शुरू हो गया है। तीन वर्षीय प्रोग्राम में सीटें जारी की जा रही हैं लेकिन सैकड़ो छात्रों ने कॉलेज के फॉर्म में एफवाईयूपी के तहत बेस्ट फोर में अकादमिक विषयों की जगह वोकेशनल को शामिल किया।

इससे उनके फॉर्म स्वीकारे नहीं गए। ऐसे में डीयू ने कहा कि छात्र कटऑफ के लिए बेस्ट फोर में अकादमिक विषय शामिल करें। एसआरसीसी, हिन्दू, गुरुतेग बहादुर खालसा कॉलेज और किरोड़ीमल कॉलेज में सबसे ज्यादा इस तनकीकी पेच में छात्र उलझते दिखे।

सबसे अधिक उन छात्रों को दिक्कतें हुईं जिन्होंने एफवाईयूपी के तहत हाल में पंजीकरण कराया था। किसी ने आवेदन फॉर्म में तीन वोकेशनल विषय शामिल किया तो किसी ने दो, जब इन छात्रों ने कतार में लगा फॉर्म जमा कराया तो कॉलेज ने आवेदन रद्द कर दिया। उन्हें दोबारा से फॉर्म भरना पड़ा। बहरहाल, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर जेएम खुराना ने कहा कि छात्रों को मानकों को समझना होगा। बेस्ट फोर में अधिकतम तीन वोकेशनल विषय शामिल करने का नियम एफवाईयूपी के तहत बनाया था जो कि रद्द कर दिया गया है।

ऐसे छात्रों को पहले की तरह बेस्ट फोर में एक लैंग्वेज और तीन अकादमिक विषय शामिल करने होंगे। अगर छात्र वोकेशनल विषय से हैं तो वे एक वोकेशनल विषय को शामिल कर सकता है। स्ट्रीम के आधार पर कटऑफ जानें: हर कॉलेज स्ट्रीम के आधार पर हर कोर्स की कटऑफ निकालते हैं। बीकॉम की कटऑफ आर्ट्स के छात्रों के लिए अलग और कॉमर्स के छात्रों के लिए अलग है। ऐसे में कॉलेज एक कोर्स की तीन कटऑफ जारी करते हैं।

दाखिले के पहले दिन छात्र एक कोर्स की तीन कटऑफ को लेकर उलझन में दिखे। मिरांडा हाउस में दाखिला लेने पहुंची श्वेता अग्रवाल कहती हैं कि मुझे समझ नहीं आ रहा। बीकॉम की कटऑफ 98 है या 96? खैर, ऐसे छात्रों को चाहिए कि वे स्ट्रीम के आधार पर कटऑफ देखें। एसआरसीसी में बीकॉम ऑनर्स की कटऑफ 97.5-99.25 है। जिन छात्रों ने 12वीं में कॉमर्स पढ़ी है उनके लिए कटऑफ 97.5 फीसदी है। नॉन कॉमर्स यानी आर्ट्स वालों के लिए 99.25 फीसदी है।

इस तरह कटऑफ जानकर दाखिला लें। कटऑफ ही नहीं विषय में भी अंक जरूरी: कॉलेज की कड़ी शर्ते हैं। पहले दिन छात्र नॉर्थ कैंपस स्थित स्टूडेट्स वेलफेयर के दफ्तर में शर्तो को जानने के लिए चक्कर लगाते रहे। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर ने कहा कि हर कॉलेज ने दाखिले के अतिरिक्त मानक तैयार किए हैं। इसके तहत दाखिला दो पैमानों पर मिलेगा। पहला छात्र के अंक कटऑफ में आने चाहिए। दूसरा, यदि कोई छात्र इकोनॉमिक्स ऑनर्स करना चाहता है तो कई कॉलेजों ने12वीं के इकोनॉमिक्स में 80 फीसदी अंक होने की शर्त रखी है।

इस तरह की शर्ते भी पूरी करनी होगी। यही नहीं, किसी ने हिन्दी ऑनर्स के लिए इंग्लशि को अनिवार्य किया हुआ है तो कुछ कॉलेज ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने यहां इकोनॉमिक्स ऑनर्स या फिर संस्कृत ऑनर्स जैसे कोर्स के लिए पंजाबी या फिर बांग्ला भाषा का पढ़ा होना जरूरी बताया है।

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