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परिजनों ने बच्चा बदलने का लगाया आरोप

फरीदाबाद कार्यालय संवाददाता। बीके अस्पताल में इलाज के दौरान नवजात बदलने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि अस्पताल में तैनात कर्मचारियों ने इलाज के दौरान नवजात को बदला है। प्रसूति के दौरान उन्होंने लड़का बताया था, जबकि मृत्यु होने पर उन्हें लड़की दी गई। उधर, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि परिजनों का आरोप गलत है। टीम बनाकर मामले की जांच कराई जाएंगी।

डबुआ कॉलोनी के राजू ने बताया कि उनकी पत्नी आरती 27 जून ने बीके अस्पताल में एक नवजात को जन्म दिया था। जन्म के तुरंत बाद प्रसूति कक्ष में तैनात कर्मचारियों ने लड़का होने की सूचना दी। इसके साथ ही बच्चों की स्थिति खराब होने की सूचना दी गई। इस दौरान बगैर नवजात को दिखाए निकू में भर्ती करा दिया। तीन दिनों तक इलाज चलने के बाद मंगलवार को नवजात की मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि मृत्यु के बाद लड़के की जगह लड़की दी गई, जबकि नगर निगम के जन्म प्रमाण बनाने के लिए अस्पताल के कर्मचारियों ने लड़का लिखा गया है।

बीके अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार का कहना है कि रिकार्ड में सभी जगह लड़की लिखी हुई है। इसके बावजूद भी टीम बनाकर मामले की जांच कराई जाएगी। इस दौरान अगर कोई कर्मचारी दोर्षी पाया गया तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई किया जाएगा।

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