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वाल्मीकिनगर और राजगीर में बनेगी भोजपुरी फिल्म सिटी

भोजपुरी भाषा को सुरक्षित और संरक्षित रखने को लेकर सूबे में कवायद शुरू कर दी गयी है। इसके लिए सूबे में दो जगहों वाल्मीकिनगर और राजगीर में भोजपुरी फिल्म सिटी बनाने का निर्णय लिया गया है। फिल्म सिटी बनाने का उद्देश्य भोजपुरी को विश्व के मानचित्र पर ले जाने के साथ भिखारी ठाकुर, विंध्यवासिनी देवी, शारदा सिन्हा सरीखे भोजपुरिया लोगों के ज्ञान को संरक्षित करना है। सूबे के कला संस्कृति व युवा विभाग के मंत्री विनय बिहारी ने ‘हिन्दुस्तान’ से खास बातचीत में यह जानकारी दी।

मंत्री ने कहा कि वाल्मीकिनगर में फिल्म सिटी बनने से इस क्षेत्र का सर्वागीण विकास होगा। लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल राजगीर में फिल्म सिटी के लिए 26 एकड़ भूमि के चयन की कवायद शुरू कर दी गई है। वाल्मीकिनगर में चूंकि अधिकतर भूमि वन विभाग की है। इसको देखते हुए वन विभाग के निर्देश के अनुसार जमीन का चयन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजगीर को बड़े फिल्म सिटी और वाल्मीकिनगर को छोटे फिल्म सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।

भोजपुरी फिल्मों में बढ़ती अश्लीलता पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री बिहारी ने इस पर रोक लगाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषा को ऊंचाई देने की जरूरत है।

हरनाटांड़ व ढढ़िया में बनेंगे नृत्य कला भवन
मंत्री ने कहा कि थारु व उरांव जनजातियों के पारंपरिक नृत्यों को भी संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस कड़ी में बगहा के जनजाति क्षेत्रों में दो नृत्य कला भवन बनाये जाएंगे। थारुओं के लिए हरनाटांड़ में और उरांव जनजाति के लिए ढढ़िया में नृत्य कला भवन बनाया जाएगा।

 

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