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दूसरे दल के साथ का खामियाजा क्यों भुगतें

कांग्रस की प्रदेशस्तरीय बैठक में सहयोगी दल के दागी नेताओं का मुद्दा छाया रहा। एक प्रदेश महासचिव ने नेतृत्व से सवाल किया कि दूसर दल के दागी नेताओं के साथ रहने का खामियाजा कांग्रेस क्यों भुगते? प्रदेश की जनता कांग्रस से नाराज नहीं है। उसे दूसर दल के साथ रहने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। लोगों में यह बात पहुंचाई जा रही है कि अब मात्र तीन लोकसभा सीटों पर ही चुनाव लड़ने की नौबत आ सकती है। पार्टी को गर्त में पहुंचाने वाले समझौते पर पुनर्विचार क्यों नहीं हो रहा? समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़े रखना मुश्किल होता जा रहा है। प्रदेश महासचिव के इस गंभीर सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष समेत बैठक में उपस्थित एक भी नेता ने विरोध नहीं कर मौन समर्थन किया। आखिरकार तय हुआ कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी से मिलकर प्रदेश कांग्रस की समस्याओं से उन्हें अवगत करायेगा।ड्ढr ड्ढr प्रदेश प्रवक्ता एचके वर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियों एवं नीतीश सरकार की ढाई वर्ष की खामियों पर पार्टी पत्रिका का प्रकाशन करगी। पत्रिका में नीतीश सरकार की निष्क्रियता के कारण बिजली और पानी की गंभीर समस्या और बीपीएल सूची के निर्माण में हुई धांधली को प्रमुखता से उजागर किया जाएगा। इस पत्रिका को पंचायत एवं प्रखंड स्तर के कांग्रसजनों के बीच गोष्ठियों का आयोजन कर वितरित किया जाएगा। इस प्रचार-प्रसार की जिम्मेवारी के लिए प्रदेश नेतृत्व ने 4 सदस्यों की एक कमेटी गठित की जिसमें डा. गोरलाल यादव, एचके वर्मा, प्रमचन्द्र मिश्र एवं शंभूनाथ सिन्हा शामिल किये गये।ड्ढr ड्ढr इस अवसर पर नीतीश सरकार की खामियों के खिलाफ पार्टी द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गई। सरकार द्वारा जमाखोरों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने पर क्षोभ प्रकट किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सदानन्द सिंह ने की।

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