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गन्ना किसानों के 3.31 करोड़ सरेंडर करने की होगी जांच:सीएम

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सोमवार को बिहार विधानसभा में कहा कि वे इसकी जांच कराएंगे कि पिछले वित्तीय वर्ष में गन्ना प्रमाणित बीज वितरण के 3.31 करोड़ रुपए किस वजह से सरेंडर (प्रत्यार्पित) किए गए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जो भी दोषी होगा उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विधायक मंजीत सिंह के सवाल पर हस्तक्षेप करते हुए ये बातें कही। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्पेशल कंपोनेंट प्लान में 16 फीसदी राशि अनुसूचित जाति जनजाति के लिए कर्णाकित है।

इसके पूर्व मंजीत सिंह ने गन्ना किसानों को प्रमाणित बीज की 30 करोड़ 87 लाख 50 हजार रुपए का मसला उठाया। कहा कि इसमें 27 करोड़ 55 हजार रुपए ही खर्च हुए और शेष पैसे सरेंडर हो गए। 3.31 करोड़ खर्च नहीं करने का औचित्य क्या है और इसके लिए दोषी पदाधिकारी पर कार्रवाई करने का सरकार विचार रखती है? गन्ना मंत्री रंजू गीता ने विस्तार से बताया कि कुल राशि का 89 फीसदी खर्च हुआ है। इस वित्तीय वर्ष के लिए फिर गन्ना किसानों की गणना की जा रही है।

इस पर पूरक प्रश्न उठा कि इस योजना का फायदा अनुसूचित जाति जनजाति के गन्ना किसानों को क्यों नहीं मिला। मंत्री ने कहा कि किसानों की जातिगत गणना कराए जाने का प्रावधान नहीं रहा है। आगे वे इस बात पर ध्यान रखने का निर्देश अपने मातहतों को देंगी। पूरक प्रश्न के रूप में विधानसभा में विरोधी दल के नेता नंदकिशोर यादव ने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति के गन्ना किसानों का पैसा लौट जाना एक गंभीर मसला है। इस हकमारी पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

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  • Web Title:गन्ना किसानों के 3.31 करोड़ सरेंडर करने की होगी जांच:सीएम