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झारखंड में कृषि नीति तय करने पर बल

नवभारत जागृति केंद्र एवं स्पार के तत्वावधान में कृषक हितों पर बुधवार को यहां आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला में झारखंड के किसानों के लिए अलग कृषक नीति तय करने पर बल दिया गया। इस कार्यशाला में खुदरा व्यवसाय में बहुराष्ट्रीय कंपनियों की बढ़ती भागीदारी पर भी चिंता व्यक्त की गयी। कृषि और उससे संबद्ध नीतियों पर आधारित विश्व बैंक की विश्व विकास रिपोर्ट 2008 को भारत के 85 प्रतिशत किसानों की आकांक्षाओं को पूरा करने में असमर्थ बताया गया। इन विषयों पर आक्सफाम इंडिया ट्रस्ट के सहयोग से नवभारत जागृति केंद्र ने राज्य के 13 जिलों में जन अभियान भी शुरू किया है।ड्ढr कार्यशाला में मुख्य अतिथि गिरिजा सतीश ने कहा कि झारखंड के किसानों का तभी विकास होगा, जब किसान नीति के तहत भूमि का सुधार किया जाये और किसानों के हित में सरकार नयी नीति बनाये।ड्ढr कार्यशाला में प्रदेश लोक समिति के महामंत्री सच्चिदानंद, प्रकाश रंजन, प्रगतिशील किसान शिव नारायण साहू, कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ विजय भारत, स्पार्क के एके सिंह आदि ने विचार व्यक्त किया। विषय प्रवर्तन राजेश दास ने किया। कार्यक्रम का संचालन शंकर राणा ने किया। आलिव और प्रकाश रंजन ने भी सक्रिय सहयोग दिया। कार्यशाला का आयोजन नवभारत जागृति केंद्र रांची के जयप्रकाश सभागार में संपन्न हुआ।

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