अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दूरदर्शन केंद्र में काव्योत्सव

रांची दूरदर्शन केंद्र में 21 मई को हिंदी-उर्दू काव्योत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में केंद्र निदेशक डॉ शैलेश पंडित ने स्वागत भाषण किया।ड्ढr काव्योत्सव में हजारीबाग से आये शायर आरिफ सजर ने अपनी रचना पढ़ी : पत्थर पे सोता आया हूं बस मैं यह सोचकर, शायद मेर नसीब का मखमल हवा में है..। स्थानीय शायर सुहैल सईद ने अपनी रचना पढ़ी : जरा ऊंचाई पर जो खड़ा है, समझता है वो सबसे बड़ा है..। मेदिनीनगर के शंकर कैमूरी ने सर्वधर्म सद्भाव की भावना इन शब्दों में व्यक्त की : आदमी को आदमी से प्यार होना चाहिए..। दुमका की कवयित्री निर्मला पुतुल ने महिलाओं के पक्ष में धारदार कविता सुनायी : क्या बता सकते हो सदियों से तलाशती एक स्त्री को उसके घर का पता..।ड्ढr काव्योत्सव में बसंत जोशी, सैय्यद अहमद शमीम, विवेक श्रीवास्तव, परवेज रहमानी, नसीर अफसर आदि ने भी रचना पाठ किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैरत फरुखाबादी ने अपनी रचना के माध्यम से मोहब्बत हो हर दिल में.. का संदेश दिया। अध्यक्षता कर रहे, कवि सत्यनारायण ने अंत में कहा, खुशबुओं का अता-पता रखिये, मौसम कोई भी हो दिल हरा रखिये..। कार्यक्रम का संचालन सरवर साजिद ने किया। धन्यवाद ज्ञापन केंद्र अभियंता शशिभूषण मुकेश ने किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: दूरदर्शन केंद्र में काव्योत्सव