अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विरोध के बाद भी सरकारी विज्ञापनों में सोनिया

प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोध को नजरअंदाज करते हुए कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने अपनी चौथी वर्षगांठ के अवसर पर उपलब्धियों का जो ब्यौरा विज्ञापनों के माध्यम से प्रस्तुत किया उसमें संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी को प्रमुखता से स्थान दिया। गुरुवार को संप्रग सरकार के चार साल पूरे हो गए। इस अवसर पर सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने अपनी उपलब्धियों की कहानी को विज्ञापनों के माध्यम से जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया है। अधिंकाश विज्ञापनों में सोनिया गांधी की तस्वीर को संप्रग अध्यक्ष की हैसियत से प्रमुखता से स्थान दिया गया है। हालांकि कुछ विज्ञापन ऐसे भी हैं, जिनमें न तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हैं और न ही सोनिया गांधी। इन विज्ञापनों में संबंधित मंत्रालयों के सिर्फ मंत्री ही मौजूद हैं। इस बारे में पूछे जाने पर भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने बताया कि सरकारी विज्ञापनों में सोनिया गांधी को प्रमुखता से स्थान दिया जाना बिल्कुल गलत है। यह पूरी तरह से सरकारी धन के दुरूपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि सोनिया जिस पद पर हैं वह सरकारी पद नहीं है। ऐसे में सरकारी विज्ञापनों से सोनिया गांधी का कोई लेना देना नहीं होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने पिछले दिनों इस बात पर आपत्ति जताई थी कि संप्रग अध्यक्ष का पद कोई सरकारी नहीं बल्कि राजनीतिक पद है। इसलिए सरकारी विज्ञापनों में सोनिया की तस्वीरों को लगाना गैरकानूनी और अनुचित है। भाजपा ने प्रधानमंत्री से मांग की थी वह सभी मंत्रालयों को निर्देश जारी करें कि संप्रग के चार वर्ष की उपलब्धियों से जुड़े विज्ञापन जारी किए जाए तो उनमें सोनिया की तस्वीरों को न लगाया जाए।ड्ढr

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: विरोध के बाद भी सरकारी विज्ञापनों में सोनिया