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5 अप्रैल, 2020|9:58|IST

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श्रीलंका सेना का तीन दिनों का संघर्ष विराम

श्रीलंका की सेना अगले तीन दिन तमिल विद्रोहियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी ताकि उनके चंगुल में फंसे हजारों नागरिक निकल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं। श्रीलंका के राष्ट्रपति महिन्द्रा राजपक्षे ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि जनता को सिंहल और तमिल नव वर्ष के मौके पर सुरक्षित क्षेत्र में जाने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मकसद को ध्यान में रखते हुए सशस्त्र सेनाआें को आदेश दिया गया है कि वे मंगलवार तक अपने सारे अभियान सिर्फ रक्षात्मक कार्रवाई तक सीमित कर लें। लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) की तरफ से राष्ट्रपति के इस फैसले पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। राजपक्षे ने लिट्टे से फिर अपील की है कि वह हथियार डाल दे। उन्होंने बयान में कहा कि वक्त की नजाकत समझते हुए लिट्टे को सैन्य पराजय स्वीकार कर आत्मसमर्पण कर देना चाहिए तथा आतंकवाद और हिंसा से हमेशा के लिए तौबा कर लेनी चाहिए। हालांकि लिट्टे बार-बार कहता रहा है कि वह किसी भी हालत में आत्मसमर्पण नहीं करेगा। गौरतलब है कि शुक्रवार को अमेरिका, ब्रिटेन, नार्वे और जापान ने लिट्टे से लड़ाई बंद करने और सेना से नो फायर जोन में गोलाबारी नहीं करने का अनुरोध किया था।

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