DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मदरसा शिक्षकों को तीन सौ फीसदी डीए

तालीम में तरक्की लाकर ही अकलियतों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। आतंकवाद को किसी मजहब से जोड़ना नाइंसाफी है। मिथिलांचल का विकास करके ही विकसित एवं उन्नत बिहार का निर्माण किया जा सकता है। उक्त बातें जिले के बिस्फी प्रखंड के दमला गांव में आयोजित अजीमुश्शान फलाह मुस्लिम कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कही। श्री कुमार ने कहा कि सूबे में तनाव का माहौल पूर्णत: समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों में तालीम का विकास करने के लिए राज्य सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है। मेधावी अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गयी है।ड्ढr ड्ढr मदरसा में कार्यरत शिक्षकों को नियमित वेतन व 300 प्रतिशत डीए की व्यवस्था करके सरकार ने अपनी मंशा एवं प्रतिबद्धता जाहिर कर दी है। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक तनावों को खत्म करने के उद्देश्य से ही राज्य सरकार ने सूबे के सभी कब्रिस्तानों की घेराबंदी करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान बिहार सरकार भागलपुर दंगा के पीड़ित परिानों को 2500 रुपये पेंशन देने की व्यवस्था करने के साथ ही पूर्ववर्ती सरकार द्वारा ठंडे बस्ते में डाल दिये गये 2मामले की पुन: तहकीकात करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने बिस्फी बेनीपट्टी मार्ग का यथाशीघ्र निर्माण कराने का आश्वासन दिया। कॉन्फ्रेंस में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष नौशाद अहमद ने आम मुस्लिम नागरिकों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।ड्ढr ड्ढr मुख्यमंत्री के दमला पहुंचने पर डॉ. फैयाज अहमद एवं नियाज अहमद ने मखाने की माला पहनाकर एवं गुलदस्ता सौंप कर उनका स्वागत किया। कॉन्फ्रेंस को मौलाना मोतीउर्रहमान, मौलाना अबू अख्तर कासमी, जमशेद जौहर, हारत मौलाना मुफ्ती ने भी सम्बोधित किया। मंच संचालन प्रो. शकील कासमी ने की।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मदरसा शिक्षकों को तीन सौ फीसदी डीए