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सच्चर कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार गंभीर नहीं

ास्टिस सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने में केंद्र के साथ राज्य सरकारों की भूमिका से मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड नाराज है। बोर्ड के सचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि आजादी के 60 साल बाद भी मुसलमानों को आजादी नहीं मिली है। मौलाना रहमानी 22 मई को मेन रोड तसलीम महल में पत्रकारों से बात कर रहे थे।ड्ढr उन्होंने कहा कि जिस तरह चार पहियों के बिना गाड़ी नहीं चल सकती, उसी तरह मुसलिम समाज के विकास के बिना देश का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान दहशतगर्द नहीं है, लेकिन हर दहशतगर्द को मुसलमान साबित किया जाता है। इसलाम को बदनाम और खत्म करने की एक अंतरराष्ट्रीय साजिश चल रही है। मुसलिम मजलिस-ए-मुशावरत के उपाध्यक्ष मौलाना अहमद अली कासमी, झारखंड के अध्यक्ष डॉ असलम, महासचिव खुर्शीद हसन रूमी, अकिलुर्रहमान और अब्दुल खालिक आदि इस अवसर पर मौजूद थे।ड्ढr राज्यपाल से मिलेड्ढr ऑल इंडिया मुसलिम मजलिस-ए-मुशावरत के उपाध्यक्ष मौलाना अहमद अली कासमी के नेतृत्व में गुरुवार को एक शिष्टमंडल राज्यपाल से मिला।ड्ढr शिष्टमंडल ने राज्यपाल से रांची यूनिवर्सिटी पीजी टू के इतिहास के विवादित प्रश्नचयनकर्ता पर मुकदमा दर्ज कराने का अनुरोध किया। मौलाना कासिम चेन्नई, मो हबीब दिल्ली, डॉ असलम, खुर्शीद हसन रूमी, मो अदिब, मो केएच राी, आदिज अजीम आदि शिष्टमंडल में शामिल थे।

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