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आखिर कहां से पूरे होंगे 45 सौ करोड़ !

आखिर कहां से पूरे होगे 45 सौ करोड़। न तो निबंधित व्यापारी नियमित टैक्स दे रहे हैं और न ही विभाग किसी तरह की कोई काईवाई कर रहा है। सूबे के व्यापारी वाणिज्य कर विभाग द्वारा दिए गए आदेशों का खुलकर उल्लंघन कर रहे हैं। और तो और चेकपोस्ट नहीं रहने के कारण प्रतिदिन करोड़ों रुपए का माल बिना परमिट से मंगवाया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि विभाग के अधिकारी इससे अच्छी तरह वाकिफ हैं फिर भी व्यापारियों द्वारा किए जा रहे नियमों का उल्लंघन करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे इस संबंध में कुछ नहीं कर सकते। जब तक सरकार किसी तरह का आदेश नहीं देती तब तक विभाग द्वारा किसी भी व्यापारी पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। ऐसी स्थिति में इन दिनों व्यापारियों के दोनों हाथों में लड्डू हैं।ड्ढr ड्ढr राज्य में वैट लागू हुए लगभग तीन साल हो चुके हैं लेकिन अभी तक व्यापारी वैट नियमावली को पूरी तरह से मान नहीं रहे हैं। बताया जाता है कि वैट नियमावली में यह स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि व्यापारियों को अपने द्वारा निर्गत किए गए कैशमेमो में फर्म का नाम, टीन नंबर (निबंधन संख्या), वैट दर, टैक्स इंवाइस व रिटेल इंवाइस अंकित होना अनिवार्य है। इसके बावजूद अधिकतर व्यापारी न तो निबंधन संख्या अंकित करते हैं और न ही वैट दर। कुछ व्यापारी ऐसे हैं जो सामान बेचने के बाद कैशमेमो भी नहीं काटते हैं। इधर दूसरी ओर विभाग द्वारा जांच प्रक्रिया पूरी तरह बंद कर देने से धड़ल्ले से बिना परमिट के माल मंगवाया जा रहा है और विभाग हाथ पे हाथ धर बैठा है।

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