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एकता का महाभारत

मुंबई स खबर आयी है कि एकता कपूर महाभारत सीरियल बना रही हैं। यह खाकसार पहुंचा एकताजी क सीरियल राइटरां क पास। उनक साथ हुई बातं इस प्रकार हैं- एकताजी न महाभारत का ही क्यां चुना? दखिय, सिंगल मैरिज कैरक्टर एकताजी का ल ही नहीं करत। उनक सीरियलां मं कम स कम पांच शादियां मिनिमम क्वालिफिकशन हैं। रामायण मं हमारी दिलचस्पी नहीं है, इसमं सबक सब सिंगल मैरिज कैरक्टर हैं। महाभारत की बात अलग है, द्रौपदीजी ही पांच विवाह किय बैठी हैं। फिर अजरुनजी इधर भी हैं, उधर भी कहीं जमाय हुए हैं। भीम इधर भी हैं, फिर हिडिंबा क साथ उधर भी जमाय हुए हैं।ड्ढr पर मल्टी मैरिज कैरक्टर भारतीय समाज मं आमतौर पर नहीं हात?ड्ढr ता क्या आपका लगता है कि महाभारत स्विट्जरलैंड मं लिखा गया था। माफ कीजिय, हम स्विट्जरलैंड की फिल्म नहीं बनात, उसक लिए आपका करण जौहर क दफ्तर जाना पड़गा। करण जौहर अगर महाभारत बनायंग ता हा सकता है कि वह महाभारत मं लव ट्रंगल, शाहरुख खान और स्विट्जरलैंड का डाल दं।ड्ढr नहीं मर पूछन का मतलब यह है कि शादी ब्याह का लकर हमारा समाज एकताजी क सीरियलां क मुकाबल बहुत पिछड़ा है, वहां ता प्रति व्यक्ित शादी सात आठ हैं, मतलब अमरिका क लवल स भी आग चल रह हैं आप ता। पर वैस नार्मल आदमी ता एक ही शादी क आट-आलू स पार नहीं पाता। महश भट्ट एक जमान मं आलू क अर्थ जैसी फिल्म बना सकत थ। पर अब ता वह भी आलू की फिल्म मं इमरान हाशमी, पांच हजार किस और किसी नयी बालिका का डालंग। महश भट्ट अब आलू पर बनायं या भालू पर, किस और नंगई क बगैर कुछ ना हान का।ड्ढr नहीं मरा सवाल यह है कि आपका पुरान मूल्यां और परंपराआं का ध्यान रखना चाहिए?ड्ढr दखिय आप अनपढ़, जाहिल, नासमझ, चिरकुट हैं। आपका पता हाना चाहिए कि नय और पुरान मूल्यां मं काई फर्क नहीं है। महाभारत की शुरुआत हाती है कि शांतनु बहुत कम उम्र की कन्या पर फिदा हा गय हैं, फिर भीष्म पितामह पूर बवाल स बचन क लिए ब्रह्मचर्य वगैरह की बात करत हैं। मतलब वह कह दत हैं, बाप र बाप, पहल आप। और आपकी जानकारी क लिए बता दूं बाप र बाप.एक नयी फिल्म का नाम है। मतलब पुरान और नय मूल्यां मं फर्क नहीं है। आप ही बताइए, इसक आग क्या सवाल पूछा जाय।

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  • Web Title: एकता का महाभारत