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मंत्रीसेक्यूलरिचम का मायाजाल तोड़ें मुसलमान : मोरचा

ौमी इत्तेहाद मोरचा के अध्यक्ष मौलाना गुलाम रसूल बलियावी का कहना है कि मुसलमान सांप्रदायिकता और धर्मनिरपेक्षता के बीच में पीसते रहे हैं। अब समय आ गया है इस बेड़ी से बाहर निकलने का। सांप्रदायिकता के नाम पर मुसलमानों को डराने और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर बेवकूफ बनाया जाता रहा। भाजपा को मुसलमान अपना दुश्मन बनाये रखे। धर्मनिरपेक्षता के नाम पर चुनावों में जिन राजनीतिक पार्टियों को मुसलमान थोक में वोट देते रहे, वही ठेंगा दिखाते रहे। मुसलमानों के पिछड़ेपन का मूल कारण भी यही है। वह शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।ड्ढr कहा कि गोपाल सिंह कमेटी, रंगनाथ मिश्र कमेटी और सच्चर कमेटी ने मुसलमानों को आइना दिखाया। सभी ने माना कि मुसलमानों की स्थिति दलितों से भी खराब है। मुसलिम लीडर सच्चाई से मुंह मोड़ते रहे। झारखंड, यूपी, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में रहने वाले मुसलमानों को मंडल कमिशन की रिपोर्ट पर पिछड़े मुसलमानों की निशानदेही तक नहीं की गयी। अब स्पष्ट हो गया है कि आरक्षण के बिना पिछड़े मुसलमानों का विकास संभव नहीं है। मौलाना बलियावी ने कहा कि मुसलमान अब धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिकता की लाश ढोने की स्थिति में नही है। दूसरों का झंडा उठाने की बजाये अपना झंडा खड़ा कर उसे मजबूती दें।ड्ढr कौमी इत्तेहाद मोरचा का गठन : मुसलमानों की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास के लिए कौमी इत्तेहाद मोरचा का गठन किया गया। मौलाना गुलाम रसूल बलियावी को अध्यक्ष बनाया गया है। बिहार के विधान पार्षद तनवीर हसन, मो अजिमुद्दीन और अनिसुर्रहमान कासमी को संरक्षक, अशफाक करीम, डॉ इरशाद अहमद खान, मो रफी सफरी, मो आजम, मौलाना सलफी और सबा अहमद को उपाध्यक्ष बनाया गया है। मौलाना बलियावी ने यह जानकारी दी।

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  • Web Title: मंत्रीसेक्यूलरिचम का मायाजाल तोड़ें मुसलमान : मोरचा