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डेढ़ दशक बाद अब यूपी देगा दूसरच राज्यों को गेहूँ

रीब 16 साल बाद एक बार फिर यूपी से दूसर राज्यों को गेहूँ भेजा जाएगा। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के सीएमडी आलोक सिन्हा की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली में गेहूँ के भण्डारण को लेकर हुई एक अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया। निगम सूत्रों के अनुसार हालाँकि अभी तीन लाख मीट्रिक टन गेहूँ ही बाहर भेजने का निर्णय हुआ है लेकिन फाइनल एलॉटमेंट आने पर यह मात्रा और बढ़ने की पूरी उम्मीद है।ड्ढr यूँ तो पूर देश में गेहूँ की सरकारी खरीद ने पुराने रिकार्ड तोड़ दिए है। लेकिन यूपी में कई साल बाद अप्रत्याशित रूप से बम्पर खरीद हुई है। बोरा से लेकर भण्डारण और गेहूँ ढकने के लिए जिस तरह पॉलीथीन कवर की मारामारी हो रही है उससे यह भी साफ हो गया कि यूपी में बम्पर खरीद होने की उम्मीद केन्द्रीय एजेन्सियों से लेकर राज्य के खाद्य विभाग के आला अफसरों तक किसी को नहीं थी। संभवत: इसी के तहत पंजाब में गेहूँ की मौजूदा खरीद के लिए जगह बनाने के लिए छह लाख टन गेहूँ अग्रिम यूपी भेज दिया गया था।ड्ढr बहरहाल, बम्पर खरीद होने के कारण ही वर्ष 1े बाद यह मौका आया है कि भारतीय खाद्य निगम स्पेशल रैक से गेहूँ दूसर प्रदेशों को भेजेगा।ड्ढr इससे पहले, यूपी से दूसर राज्यों को गेहूँ भेजने के फैसले पर सीएमडी की मोहर लगने की खबर आते ही भारतीय खाद्य निगम के गोमती नगर स्थित ‘खाद्य सदन’ में खुशी की लहर दौड़ गई। तत्काल यह भी तय हो गया कि किन जिलों से गेहूँ भेजना है। दिल्ली मुख्यालय को सूचना दे दी गई कि सीतापुर, फैजाबाद, रायबरेली और गोरखपुर से गेहूँ बाहर जाएगा।

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