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पोल खुलने से बौखलाए प्रधान

मियागंज विकास खण्ड, जिला उन्नाव में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरगा) की नागरिक समूहों द्वारा की जा रही जनता जाँच के दूसरे दिन शुक्रवार को भी ग्राम प्रधानों ने जनता जाँच को बाधित करन का भरसक प्रयास किया। गुरुवार को उच्च न्यायालय से जनता जाँच के खिलाफ स्थगनादेश प्राप्त करन की अफवाह उड़ाकर कुछ ग्राम प्रधानों ने जनता जाँच करने गए समूहों को काम करने से रोका था। आज ग्राम पंचायत वीरूगढ़ी में ग्राम प्रधान शुक्रपाल सिंह के लड़के सुदीप सिंह अपने साथियों के साथ लाठियाँ लिए हुए जहाँ जनता जाँच दल भोजन कर रहा था, वहाँ पहुँच गए और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने जाँच दल को गाँव से खदेड़ने की भी कोशिश की । बाद में बीच-बचाव करने पर उसने लिखित माफी माँगी।ड्ढr इसी तरह कुछ अन्य ग्राम प्रधान भी धमकियाँ देते रहे। इनमें से कुछ तो विकास खण्ड कार्यालय पर ही बैठे थे। ग्राम पंचायत कोरारी खुर्द में शुक्रवार को प्रशासन की तरफ से खुली बैठक का आयोजन था।ड्ढr जनता जाँच दल भी इस गाँव मे मौजूद था। जिले से जिला पंचायती राज अधिकारी इस बैठक में शामिल होने आए हुए थे। कुछ लोगों ने अपनी बात अधिकारी के सामने रखनी चाही।ड्ढr सचिन पुत्र शिवप्रसाद के जॉब कार्ड संख्या 422 पर 38 दिनों का वृक्षारोपण का कार्य दिखाया गया है जबकि सचिन ने एक दिन भी काम नहीं किया है। रामसवक पुत्र झूरी के जॉब कार्ड संख्या 52 पर 30 दिनों का काम चढ़ा है जबकि वास्तव में उसने सिर्फ 14 दिन काम किया है । दुर्गा देवी जॉब कार्ड संख्या 442 पर वृक्षारोपण का 14 दिनों का काम दिखाया गया है जबकि उसन काम सिर्फ आधे दिन का किया है।ड्ढr इन सभी लोगों ने जब खुली बैठक में अपनी बात रखनी चाही तो प्रधान के लोगों ने, जिला पंचायती राज अधिकारी एवं ग्राम प्रधान की उपस्थिति में, उनके जॉब कार्ड छीन कर उन्हें बैठक से बाहर कर दिया। आज मखबूल खेड़ा गाँव के कुछ लोगों ने सीधे विकास खंड कार्यालय में स्थित जनता जाँच नियंत्रण कक्ष को सम्पर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शीतला पुत्र जगन्नाथ के जॉब कार्ड पर चकलबंशी सण्डीला रोड से हैदराबाद तक मिट्टी कार्य में 15 दिनों की तथा हैदराबाद माइनर सिल्ट सफाई कार्य में दो बार 15 एवं 12 दिनों की मजदूरी दिखाई गई है जबकि शीतला ने एक भी दिन काम नहीं किया है।ड्ढr इसी तरह मातादीन पुत्र जो के जॉब कार्ड पर हैदराबाद माइनर सिल्ट सफाई कार्य में दो बार 24 एवं 1दिनोंकी और कादिलपुर से नेवादा सम्पर्क मार्ग खड़ंजा कार्य में दो बार 16 एवं 15 दिन की मजदूरी दिखाई गई है जो पूरी फर्जी है। श्यामलाल पुत्र हरिदास के जॉब कार्ड पर सात दिनों का तालाब कार्य दिखाया गया है जबकि असल मे सिर्फ ढाई दिन ही श्यामलाल न काम किया है। ग्राम पंचायत आसीवन में एक नाली खुदाई के मस्टररोल पर कुछ मजदूरों द्वारा आठ दिनों का काम दिखाया गया है किन्तु जनता जाँच के दौरान शंकर पुत्र नीलकण्ठ, शिवदीन पुत्र छोटेलाल, छोटेलाल पुत्र दीना, रामरती पत्नी शंकर, आदि ने बताया कि उनके नाम पर मस्टर रोल में फर्जी मजदूरी चढ़ी हुई है।

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