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पटना सिटी में एक फेल, दूसरा टावर खड़ा

डुप्लीकेट टावर भी हुआ फेल। लेकिन दूसर डुप्लीकेट टावर को खड़ाकर शुक्रवार को समस्या का निदान कर लिया गया। तार चढ़ाने का काम दिनभर युद्धस्तर पर चलता रहा। यह सिलसिला रात में चालू रहा। शनिवार की सुबह से किसी भी सूरत में निर्वाध बिजली आपूर्ति करा लिए जाएंगे। डुप्लीकेट टावर के फेल होने का कारण तार चढ़ाने के बाद एक मकान से टकराना बताया गया है। इससे किसी बड़े हादसा होने की संभावना बनी थी। लिहाजा विभाग ने आननफानन में दूसर डुप्लीकेट टावर को लगाया गया।ड्ढr ड्ढr इसके बाद बारिस ने युद्धस्तर पर चल रहे काम को प्रभावित किया। खड़ा किए गए टावर अमेरिकन अल्युमिनियम मेटालिक है जिसका इमरजेंसी के दौरान उपयोग किया जाता रहा है। इसे इपीआर (इमरजेंसीन पावर रिसोर्स) उपनाम से जाना जाता है। शुक्रवार से बिजली निर्वाध आपूर्ति नहीं होने से लोगों को निराशा हाथ लगी। बिजली बोर्ड के पीआरओ एसके घोष ने बताया कि जिस टावर को खड़ा किया गया था उसमें तार लगाने के बाद पता चला की जमीन से उसकी उंचाई पर्याप्त नहीं है। इसलिए फिर नये सिरे से दूसरा टावर खड़े करने की प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने कहा कि शुक्रवार की देर रात तक टावर खड़ा हो जाएगा। सैदपुर-कटरा लाइन से गायघाट ग्रिड से जुड़े मोहल्लों में बिजली की आपूर्ति की प्रक्रिया जारी है। श्री घोष ने बताया कि शनिवार को इमरजेंसी रिस्टोरशन सिस्टम के तहत बिजली आपूर्ति शुरू करने के पहले मीठापुर ग्रिड को लगभग दो से तीन घंटे तक बंद रखा जाएगा। उधर कई मुहल्लों के बोरिंग पम्प जलने से पानी के लिए लोग तरसते रहे। दो-दो घंटे कटरा सब स्टेशन से करायी गयी बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था भी फेल साबित हुआ।

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