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बाप और सौतेली मां ने किया मानवता को शर्मशार

राजधानी के हवाईअड्डा थाना अंतर्गत खाजपुरा में मानवता को शर्मशार कर देने वाला एक वाक्या शुक्रवार को सबको अचंभित कर गया। पटना के जिलाधिकारी कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी अफसर आलम और उसकी दूसरी पत्नी ने पहली पत्नी से हुई दो बेटियां साफिया (18) एवं कुलसुम (12) को तीन दिनों से एक कमर में बंद कर रखा है। इन लड़कियों को खिड़की से कोई खाना पीना नहीं दे सके इसके लिए पति-पत्नी ने जाते जाते सड़क की ओर खुलने वाली खिड़की को सीमेंट से सील कर दिया और खुद दूसरी पत्नी और उससे हुए बच्चे को लेकर सहरसा चला गया।ड्ढr ड्ढr कमर में तीन दिनों से कैद बड़ी बहन साफिया ने बताया कि उसके पिता ने उसकी मां आशिया खातून (पहलाम, सहरसा) को तलाक दे दिया तथा आठ वर्ष पूर्व शहीदा नामक औरत से दूसरी शादी कर ली। उसका पिता जो मूक हैं, ने बीते 10 जनवरी को दोनों बहनों को उसकी मां के पास से कोर्ट के आर्डर का हवाला देते हुए जबरन अपने पास ले आए। उसके बाद से ही दोनों बहनों पर जुल्म ढाया जाने लगा। यहां तक कि पति-पत्नी सब्जी खरीदने भी जाते हैं तो दोनों बहनों को घर में ताला बंद कर। जनवरी से लेकर अबतक कई बार दोनों बहनों को कैद कर उसका पिता और सौतली मां कई-कई दिन बाहर रहे। बुधवार को भी इसकी पुनरावृत्ति हुई। दो दिनों से बंद दोनों बहनों मे से छोटी बहन कुलसुम को गुरुवार की रात पेट में तेज दर्द हुआ और वह चिल्लाने लगी, पर उसे देखने वाला कौन था। शुक्रवार को मुहल्ले के एक सजन ने ‘हिन्दुस्तान’ को फोन कर घटना की जानकारी दी जिससे सिटी एसपी अनवर हुसैन को भी वाकिफ कराया गया। सिटी एसपी के निर्देश पर हवाई अड्डा थाना के प्रभारी मो. सुजाउद्दीन ने भी कमर में कैद लड़कियों से बाहर से ही पूछताछ की।ड्ढr यह जानकर कि लड़कियों का जुल्मी पिता जिलाधिकारी कार्यालय में कार्यरत है पुलिस भी बिना कोई कार्रवाई किए उल्टे पांव लौट गई। बेबस बहनें वहां जुाटे मीडियाकर्मियों से किसी तरह कैद से मुक्त कराने और अपनी मां के पास पहुंचाने की लगातार गुहार लगा रही हैं।

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  • Web Title: बाप और सौतेली मां ने किया मानवता को शर्मशार