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सेनारी गांव में टूटा पुलिसिया कहर

नरसंहार का दंश झेल चुके अरवल जिले के सेनारी गांव में पुलिस ने एक बार फिर तांडव मचाया। गुरुवार की रात पुलिस आधा दर्जन घरों में घुस महिलाओं के साथ र्दुव्‍यवहार किया। पुलिस के तांडव से परशान हो लगभग तीन दर्जन महिलाएं शुक्रवार को यहां कोर्ट में पहुंच न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों का एक दल अरवल एसपी गोपाल सिंह भदौरिया से भी मिला और वंशी ओपी के प्रभारी पर गांव में महिलाओं पर जुल्म करने की शिकायत की। एसपी ने ग्रामीणों की शिकायत पर रात में छापेमारी बंद करने का निर्देश दिया। एसपी ने यह भी कहा कि ग्रामीण सेनारी के अभियुक्तों का आत्मसमर्पण करवा दें। एसपी ने इस घटना की जांच डीएसपी से कराने की बात कही है।ड्ढr ड्ढr सेनारी निवासी बलराम शर्मा की पत्नी शारदा देवी ने सीजेएम के कोर्ट में परिवाद पत्र भी दायर कर वंशी ओपी प्रभारी, आरक्षी मनीष और अन्य दस पुलिस कर्मियों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना था कि पुलिस सेनारी कांड के अभियुक्तों के साथ मिल कर गवाहों को डरा-धमका रही थी। गुरुवार को जब सोने जा रही थी उसी दौरान किसी ने अपने को वंशी ओपी प्रभारी बता दरवाजा खोलने को कहा। रात में दरवाजा खोलने से इंकार करने पर गाली देते हुए पुलिस ने दरवाजा तोड़ दिया। ओपी प्रभारी बोले कि बलराम कहां है कि वह सेनारी कांड में गवाही दिलवा रहा है। उसे जान से हाथ धोना पड़ेगा। पुलिसकर्मियों ने उसके साथ र्दुव्‍यवहार और मारपीट की। घर के सामान को उलट-पुलट दिया।

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