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पटना को बिजली संकट से मिलेगी निजात

बीते दिनों की उपेक्षा का दंश अब राजधानीवासी भुगत रहे हैं। पटना को आपातकालीन बिजली आपूर्ति की व्यवस्था नहीं होने का ही परिणाम है कि एक सप्ताह बीतने को आए और पूर्वी पटना में बिजली के लिए हाहाकार है। महज एक टावर के गिरने की स्थिति में ही विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। अलबत्ता पिछले दिनों बिजली बोर्ड ने बीते वर्षो की गलती को दूर करने की कोशिश शुरू की है और अत्याधुनिक यंत्र व उपकरणों के अलावा इमरजेंसी रस्टोरशन सिस्टम को जुटाना शुरू कर दिया है, लेकिन बिजली बोर्ड की तैयारी पूरी भी नहीं हुई कि उसकी परीक्षा शुरू हो गई।ड्ढr ड्ढr आलम यह है कि एक गिर टावर ने बोर्ड अभियंताओं के पसीने छुड़ा दिए हैं। लंबी अवधि तक उपेक्षा के कारण राजधानी में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था जर्जर हो चुकी है। राजधानी को आधे दर्जन विभिन्न ग्रिडों से बिजली की आपूर्ति होती है, लेकिन एक के बिगड़ने के बाद दो क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था गड़बड़ा जाती है। यही कारण है कि एक टावर के गिरने के बाद गायघाट ग्रिड से जुड़े सार क्षेत्र में संकट की स्थिति है। जैसे-तैसे बिजली बोर्ड अगल-बगल से चार-पांच घंटे बिजली आपूर्ति कर रहा है। उधर बिजली बोर्ड ऐसी स्थिति से निपटने के लिए आपात कार्ययोजना बनाने में जुट गया है। इसी के तहत पटना के निकट ग्रिड बनाने और मौजूदा ग्रिडों की क्षमता विस्तार की योजना भी बनाई है। इसके अलावा एक ग्रिड से जुड़े क्षेत्र को आपात स्थिति में भी पर्याप्त बिजली आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रेत को मजबूत बनाया जाएगा।ं

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