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डीसी की जांच टीम ने भी नरगा में घपला पाया

छतरपुर प्रखंड के खेंद्रा खुर्द गांव में नरेगा मद के तालाब निर्माण में मस्टर रोल को पलामू डीसी द्वारा गठित जांच टीम ने प्रथम दृष्टया फर्जी पाया है। फर्जी मास्टर रोल बनानेवाले वनपाल वैद्यनाथ और वनरक्षी जय कुमार मिश्रा पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।ड्ढr तालाब का निर्माण मेदिनीनगर उतरी वन प्रमंडल के छतरपुर पश्चिमी रेंज द्वारा करवाया जा रहा था। उधर, डीसी एनपी सिंह ने पत्रकारों को जानकारी दी कि प्रो ज्यां द्रेज ने वन विभाग की शिकायत राज्य सरकार से की है और सरकार ने आदेश दिया है कि मामले की जांच कर 24 मई तक कार्रवाई सुनिश्चित करें। ज्यांद्रेज के नेतृत्व में छतरपुर में सर्वे करने आयी टीम ने फर्जीवाड़े को पकड़ा था। उनकी शिकायत पर डीसी द्वारा बनायी गयी जांच टीम खेंद्रा गांव गयी, जहां मजदूरों ने तालाब निर्माण में एक दिन भी काम नहीं करने की बात कही। इतना ही नहीं कई मजदूरों के हस्ताक्षर फर्जी थे। यहां तक की विक्रम सिंह, दिनेश सिंह जैसे मजदूरों का भी मस्टर रोल पर हस्ताक्षर था, जो एक साल से दिल्ली और पंजाब में हैंे। अनपढ़ उर्मिला देवी का हस्ताक्षर भी फर्जी पाया गया। इसके बाद जांच टीम कार्य की पुन: मापी करायी। कार्य को अधिकारियों ने संतोषजनक व निकासी को कार्य के अनुरूप बताया, जबकि ज्यांद्रेज की टीम असहमत थी। प्रो ज्यां द्रेज ने सुरक्षा लेने से इंकार किया है:डीसीड्ढr ज्यांद्रेज ने पलामू प्रशासन द्वारा उपलब्ध करायी गयी सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। डीसी एनपी सिंह ने बताया कहा कि छतरपुर प्रखंड में प्रो ज्यां द्रेज के नेतृत्व में एक टीम समााजिक अंकेक्षण का कार्य कर रही है। हम पारदर्शिता का स्वागत करते है और कमियों की ओर ध्यान दिलाये जाने पर सुधार में हम विश्वास करते है। डीसी ने कहा कि सिर्फ वन विभाग की शिकायत मिली है और जांच दल शुक्रवार को वहां गया है। दोषी के विरु कार्रवाई की जायेगी।

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