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मुख्यमंत्री ने दिए नये सिर से जांच के निर्देश

पूर्वी चम्पारण की तीन पंचायतों में ध्वस्त मकानों की सूची की दोबारा जांच नहीं करने वाले मुखिया, पंचायत सेवक और सव्रेयरों पर कार्रवाई होगी। केसरिया प्रखंड की तीन पंचायतों में ध्वस्त मकानों की सूची ज्यादा ही लंबी बन गयी। दोबारा जांच में पंचायतों से ‘नील’ रिपोर्ट आ गयी।ड्ढr ड्ढr मतलब, वहां कोई भी मकान क्षतिग्रस्त नहीं है। शनिवार को मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी नर्मदेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह जानकारी दी। लिंक फेल होने की वजह से मुख्यमंत्री सीतामढ़ी और मधुबनी के डीएम से बात नहीं कर सके। पूर्वी चम्पारण के डीएम से मिली जानकारी से चकित मुख्यमंत्री ने फौरन उक्त पंचायतों में बाढ़ से ध्वस्त-क्षतिग्रस्त मकानों की सूची की नये सिर से जांच कराने और दोषी कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिये। टेक्नोलॉजी भवन में वीडियोग्राफी बेगूसराय जिले से शुरु हुई। डीएम ने बताया कि बाढ़ में 3232 मकान ध्वस्त या क्षतिग्रस्त हुए। इसमें से 2600 पीड़ितों के बैंक खाते खुले हैं।ड्ढr ड्ढr जिले में 805 मकानों की नींव तैयार हो गयी हैं। दरभंगा में 14201 ध्वस्त या क्षतिग्रस्त मकानों की तुलना में 13084 पीड़ितों के बैंक खाते खुले हैं। जिले में चार मकान बन गये हैं जबकि 5058 मकानों की नींव और 788 मकानों के प्लींथ तैयार हो गये हैं। इसी प्रकार खगड़िया में 6268 मकानों में से 1528 के प्लींथ, 154 के लिंटर तैयार हुए हैं जबकि चार मकानों की छत तैयार हो गयी है। मुख्यमंत्री ने मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, शिवहर, पश्चिम पम्पारण, पूर्वी चम्पारण, भागलपुर, गोपालगंज, कटिहार, नालन्दा, पटना, सहरसा, सीवान, वैशाली, पूर्णिया और अररिया के डीएम को भी मुख्यमंत्री आवकास योजना के तहत मिलने वाली शिकायतों पर फौरन कार्रवाई के निर्देश दिये।

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