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सुरक्षा हो प्राथमिकता

भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने महिलाओं के हक में दो सराहनीय कदम उठाए हैं। एक तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट में महिलाओं को करीब 25 फीसदी प्रतिनिधित्व दिया है। उनके मंत्रिमंडल में सात महिलाएं हैं। उन्हें विदेश मंत्रालय व मानव संसाधन मंत्रालय जैसे पद मिले हैं, जो इशारा करता है कि विदेश, सुरक्षा और राष्ट्रीय नीतियों में महिलाओं की अहम भूमिका होगी। दूसरा है, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को कैबिनेट का दर्जा देना। यूपीए सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का दर्जा प्राप्त था। अब कैबिनेट रैंक मिलने से उम्मीद है कि यह विभाग प्रभावशाली भूमिका निभाएगा। व्यापक महिला सशक्तीकरण के लिए इस सरकार को और कदम उठाने होंगे। लंबित महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराना उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए। भाजपा ने घोषणापत्र में उल्लेख किया है कि पार्टी संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के हक में है।

चूंकि वह बड़े बहुमत के साथ सत्ता में आई है, तो इस बिल को पारित कर कानून बनाने में उसे खास कठिनाई नहीं होनी चाहिए। उम्मीद है, मोदी सरकार राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में कदम उठाएगी। दूसरा मुद्दा महिला सुरक्षा का है। भाजपा नेताओं ने वादा किया था कि वे महिला सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम उठाएंगे। अब उनकी सरकार है, तो इस पर कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि आधी आबादी बेखौफ जी सके।
डायचे वेले वेब पोर्टल में दिशा उप्पल

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