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सबने साधा कांग्रेस पर निशाना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सोनिया गांधी को बिहार के संबंध में कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं है क्योंकि राज्य की बदहाली के लिए असली जिम्मेदार तो कांग्रस ही है। रविवार को पटना हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की गैर कांग्रसी सरकारों में 15 साल तक तो कांग्रस ही राजद को जीवनदान देती रही। अगर कांग्रस को सचमुच राजद और लोजपा से छुटकारा पाना है तो लालू प्रसाद और रामविलास पासवान को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर। दोस्ती और दुश्मनी का खेल साथ-साथ नहीं चल सकता।ड्ढr ड्ढr दूसरी तरफ महाराजगंज से जदयू उम्मीदवार प्रभुनाथ सिंह ने एक बार फिर कांग्रस अध्यक्ष की नागरिकता का मसला छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 15 साल से भी अधिक समय से ‘एबसेंस ऑफ गवर्नमेंट’ की स्थिति रही है। पहली बार एनडीए की सरकार ने सुशासन कायम किया। केन्द्र के लगातार असहयोग के बावजूद बिहार में विकास की धारा बह रही है। यह सब कांग्रस को बर्दाश्त नहीं हो रहा। राजनीति का अपराधीकरण कांग्रस पार्टी की ही देन है। उसी ने अपराधियों को तरजीह देना शुरू किया। वर्ष 2000 में राजद की सरकार बचाकर कांग्रस के बाइस में से इक्कीस विधायकों को मंत्री पद का तोहफा मिला। तब सोनिया गांधी ने बिहार को बचाने का प्रयास क्यों नहीं किया था? मुख्यमंत्री ने सपा नेता मुलायम सिंह को भी याद दिलाया कि जब कांग्रस ने यूपी में उनकी सरकार के खिलाफ राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशि की तो बिहार ने ही विरोध किया था। दूसरी ओर सोनिया गांधी की नागरिकता पर सवाल खड़े करते हुए जदयू के उम्मीदवार प्रभुनाथ सिंह ने कहा कि देश का दुर्भाग्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मनोनीत पीएम और कांग्रस महासचिव राहुल गांधी को दूध पीता बच्चा करार दिया। सहयोगी दलों पर कांग्रेस का हमला गलत परंपराड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। सोनिया गांधी के आरोपों से नाराज लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने कहा कि कांग्रस अपने सहयोगी दलों पर हमला करके गलत परम्परा की शुरूआत कर रही है। कांग्रस अपने जनाधार को बढ़ाने के लिए अलग चुनाव लड़ रही है लेकिन बिहार में उसके लिए बचा ही क्या है? तमाम कोशिशों के बावजूद घटते जनाधार पर कांग्रस अध्यक्ष का आक्रोशित होना लाजिमी है। तीसर-चौथे मोर्चे का मजाक उड़ाये जाने से क्षुब्ध पासवान ने कहा कि राजनीति किसी एक पार्टी की संपत्ति नहीं है। यहां रोज नये गठबंधन और दल बन सकते हैं।ड्ढr पटना हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बात करते हुए पासवान ने कहा कि कांग्रस और भाजपा की वजह से ही क्षेत्रीय दलों का उदय हुआ। छोटे-छोटे दलों ने बड़ी पार्टियों की हरकतों पर अंकुश लगाया तो कांग्रस और भाजपा जैसी पार्टियों को बचैनी होने लगी है। दोनों ही पार्टियों की सरकारों में सबसे अधिक सांप्रदायिक दंगे हुए। अभी भी भाजपा शासित राज्यों में दंगे हो ही रहे हैं। क्यों रखे हैं राजद व लोजपा को कैबिनेट मेंड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। भाजपा ने कांग्रस पर हमला करते हुए सवाल किया है कि वह बताये कि राजद और लोजपा को केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रखने की उसकी क्या मजबूरी है? एक तरफ पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी बिहार की चुनावी सभा में राजद और लोजपा गठबंधन की खिल्ली उड़ा रही है पर दोनों ही पार्टी के प्रमुखों को केन्द्रीय मंत्रिमंडल से हटा नहीं रही हैं। बिहार में कांग्रस यह कैसी लड़ाई लड़ रही है। संवाददाता सम्मेलन में विधान पार्षद एवं भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री किरण घई ने कहा कि सोनिया गांधी की सभा मे अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी। कांग्रस को बिहार में खाता खुलने के लाले हैं। कांग्रस कुर्सी की लोभी तिकड़ी राजद-लोजपा-सपा के दगा देने से वोटकटवा हो गई है। पूर देश में भाजपा और कांग्रस की बीच लड़ाई है पर कांग्रेस अकेले पड़कर कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि देश की जनता को एक मजबूत सरकार और कमजोर प्रधानमंत्री नहीं बल्कि मजबूत सरकार के साथ ही निर्णायक प्रधानमंत्री भी चाहिए। इसके लिए एनडीए और लालकृष्ण आडवाणी ही देश के सामने एकमात्र विकल्प है। कांग्रस जनता के बीच खुलासा कर कि उसने साढ़े चार वर्षो तक अक्षम और नाकाम गृहमंत्री क्यों बनाये रखा। प्रधानमंत्री देश की सुरक्षा से जुड़े अति संवेदनशील मुद्दे पर अपनी सरकार की विफलता को स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।ं

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