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सोनिया ने लिया नतीजों का जायजा

ांग्रेस का मानना है कि कर्नाटक के चुनाव नतीजों का अन्य राज्यों में तथा लोकसभा के आगामी चुनाव में कोई असर नहीं पड़ेगा। नतीजों से जुड़े पहलुओं और कारणों को लेकर कांग्रेस में मंथन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रविवार को नतीजे आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोर ग्रुप के साथ बैठक कर नतीजों का जायजा लिया। कर्नाटक के प्रभारी महासचिव पृथ्वीराज चह्वाण के अनुसार इस चुनाव में पार्टी की सीटें और वोटों का प्रतिशत बढ़ा लेकिन धर्मनिरपेक्ष मतों के विभाजन, भाजपा के प्रच्छन्न जातिवाद,‘मनी पावर’ और महंगाई की मार के कारण कांग्रेस सरकार नहीं बना सकी। कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी के अनुसार पार्टी के 21 उम्मीदवार तीन हाार से कम मतों से हार। दो सीटों पर तो तीन सौ से कम मतों से हार हुई जबकि छह उम्मीदवार एक हाार से कम मतों से हार गए। पार्टी के नेता इस बात से सहमत नहीं कि पहले से भावी मुख्यमंत्री नहीं घोषित करने के कारण ही कांग्रेस को अपेक्षा के अनुरूप सीटें नहीं मिल सकीं। इसके उलट अनौपचारिक बातचीत में पार्टी के वरिष्ठ नेता मानते हैं कि कांग्रेस आतंकवाद के खिलाफ नरम रुख रखने के बार में विपक्ष के द्वारा बनाई छवि को भी नहीं तोड़ सकी। चुनाव अभियान के दौरान ही गृह मंत्री शिवराज पाटिल के द्वारा संसद पर हमले के लिए जिम्मेदार ठहराए गए अफाल की तुलना पाकिस्तान में कैद सरबजीत के साथ करने को भी भाजपा ने जमकर भुनाया। महंगाई पर शीघ्र काबू पाने के सरकार और कांग्रेस नेताओं के दावों के बावजूद महंगाई बेलगाम बढ़ती रही। चुनाव अभियान के दौरान ही भारतीय स्टेट बैंक ने किसानों को ट्रैक्टरों की खरीद पर ऋण नहीं देने तथा सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल, डीाल की राशनिंग करने और नए गैस कनेक्शन नहीं देने की घोषणा करके किसानों और मध्यम वर्ग के लोगों को नाराज करने की बाकी कसर भी पूरी कर दी।

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