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73 करोड़ के टेंडर पर बैठा है इंजीनियरिंग सेल

टेंडर का खेल झारखंड में विकास को दीमक की तरह चाट रहा है। वक्र्स विभागों में भारी-भरकम टेंडर के फाइनल में सत्ता शीर्ष से जुड़े किरदारों और राजनेताओं की मर्जी महत्वपूर्ण होती है। ताजातरीन डालटनगंज-पांकी सड़क निर्माण टेंडर को लेकर सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं। 73 करोड़ की इस योजना में प्री-क्वालिफाइ करनेवाली कंपनियों ने टेंडर नहीं डाले। 24 दिन हो गये पथ निर्माण का इंजीनियरिंग सेल टेंडर पर कोई फैसला नहीं ले सका है। उधर, डालटनगंज के विधायक इंदर सिंह नामधारी ने व्यथा में सीएम को जो पत्र लिखा है वह सिस्टम- सत्ता पर चोट है। इस योजना का दस महीने पहले सीएम ने ऑनलाइन शिलान्यास किया था। आइवीआरसीएल तथा रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर ने प्री क्वालिफाइ किया था। तकनीकी और वित्तीय बीड डालने की तिथि दो मई थी। चीफ इंजीनियर ने इसकी जानकारी इंजीनियर इन चीफ को दी। प्री- क्वालिफाइ करने वाली दोनों कंपनियों को पुन: कॉल करने का निर्देश मांगा। चीफ इंजीनियर के मुताबिक अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। इंजीनियर इन चीफ को फिर से पत्र लिखा गया है। इंजीनयर इन चीफ से इस बार में पूछने पर कहा : देखते हैं क्या होता है। लेकिन री टेंडर भी हो सकता है। इंजीनियरों ने टेंडरर से यह भी नहीं पूछा कि निर्धारित तिथि पर टेंडर क्यों नहीं डाले। इस मामले में विभागीय सचिव ने कहा कि इंजीनियरों ने कोई जानकारी नहीं दी है। जानकारी लेने के बाद ठोस फैसला लेंगे। टेंडर नहीं पड़ने की स्थिति में री- टेंडर होगा। नामधारी का कहना है कि एक दबंग विधायक (स्थानीय) के कारण ही टेंडर नहीं डाला गया। इस मामले में तो यही हुआ कि हमारी बेटी की बारात आ रही है और हमने ही बारात लुटवा दी। इशारा साफ तौर पर राजद विधायक विदेश सिंह पर है। वर्तमान में सड़क मरम्मत को जनता सड़क पर उतरी है। नामधारी ने भी पिछले साल साधारण मरम्मत कराकर सरकार को चुनौती दी भी थी।

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