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स्वास्थ्य मंत्री-सचिव का विवाद सतह पर

स्वास्थ्य मंत्री भानू प्रताप शाही और स्वास्थ्य सचिव सियाराम प्रसाद सिन्हा के बीच विवाद सतह पर आ गया है। दोनों के बीच मतभेद इतने गहर हो गये हैं कि मंत्री अपने सचिव को हटाने पर अड़ गये हैं। पिछली कैबिनेट बैठक में भानू शाही इसलिए नहीं गये, क्योंकि सीएम ने सचिव को नहीं हटाया। हालांकि मंत्री और सचिव दोनों ही विवाद से इंकार करते हैं। दोनों में मतभेद की शुरुआत पीएचसी मांडू के डॉ रोहित शर्मा की पोस्टिंग के लिए हुई। मंत्री ने निरीक्षण के दौरान मांडू में पदस्थापित सभी डॉक्टरों को अनुपस्थित पाया था। इस पर उन्होंने यहां के सभी डॉक्टरों को दूर-दराज के इलाकों में भेजने का आदेश दिया। फाइल तैयार हुई, सभी डॉक्टरों की पोस्टिंग दूर-दराज के इलाकों में कर दी गयी। इसी बीच डॉ रोहित की पैरवी कांग्रेस विधायक गोपाल नाथ शाहदेव ने की। इसके बाद मंत्री ने डॉ शर्मा की पोस्टिंग मांडर में करने को कहा। इस पर सचिव अड़ गये। उन्होंने कहा कि जब सभी डॉक्टरों को बाहर भेजा जा रहा है, तो फिर डॉ शर्मा की मांडर में पोस्टिंग नहीं हो सकती। इस पर मंत्री बिफर गये। बाद में मंत्री के अड़ जाने पर 22 मई को डॉ शर्मा की पोस्टिंग मांडर में हुई। एचआइएसपी कंपनी को 40 लाख भुगतान का मामला भी विवाद का कारण बना है। सचिव ने एचआइएसपी को 40 लाख रुपये के भुगतान का आदेश दिया। मंत्री इस पर अड़ गये और कंपनी का भुगतान रुकवा दिया। कैडर विभाजन के तहत तीन डाक्टरों को रिम्स से बिहार भेजने के मामले पर भी दोनों में विवाद हुआ। सचिव से विवाद नहीं: भानू स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि सचिव के साथ कोई विवाद नहीं है। उन्होंने सचिव को हटाने के लिए सीएम को नहीं लिखा है। यह बात भी सही नहीं है कि वे इसी कारण से कैबिनेट की बैठक में नहीं जा रहे। वे मंगल को कैबिनेट की बैठक में शामिल होंगे। उधर, स्वास्थ सचिव ने भी मंत्री के साथ किसी विवाद से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ब्यूरोक्रेसी का काम है कि सभी चीजें नियमानुसार हों।

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