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मुझे संसद में आने से रोकना चाहते हैं मुशर्रफ : शरीफ

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता नवाज शरीफ ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ तथा न्यायपालिका का एक शीर्ष पदस्थ सदस्य उन्हें संसद में प्रवेश से रोकने की साजिश रच रहे हैं। शरीफ सोमवार को अपने पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर पार्टी नेता शाहबाज शरीफ, इशाक डार, अहसान इकबाल, कानून मंत्री राणा सनउल्लाह एवं पंजाब प्रांत की असेम्बली के डिप्टी स्पीकर राणा महसूस उपस्थित थे। शरीफ ने पीएमएल-क्यू के नेता चौधरी परवेज इलाही और न्यायपालिका के एक शीर्ष व्यक्ित के बीच टेलीफोन वार्तालाप की टैपिंग का खुलासा होने के बाद यह आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि न तो पीएमएल-एन और न ही समूचा देश पीसीआे जजों की स्थिति को स्वीकारता है। उन्होंने कहा कि जस्टिस इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी को देश की जनता और वकील पाकिस्तान का मुख्य न्यायाधीश मानते हैं। शरीफ ने कहा कि उनकी पार्टी ने सरकार से बाहर आने का निर्णय सिर्फ जजों की बहाली को लेकर किया है। वह चाहते हैं कि सत्तारुढ़ गठबंधन की अगुवाई कर रही पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) मुरी घोषणापत्र के आलोक में जजों की बहाली करे। उन्होंने कहा कि यह अच्छे या बुरे जज का मामला नहीं है बल्कि उन पीसीआे जजों का मामला है जिन्होंने सैन्य तानाशाह की गुलामी की और मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ साजिश रची। उन्होंने कहा कि देश की जनता उन्हें एवं उनके भाई शाहबाज को संसद में और राष्ट्रपति को बाहर भेजना चाहती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पर महाभियोग 18 फरवरी को शुरू हुआ था अब औपचारिकता मात्र शेष है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन नवम्बर के बाद अंतरिम संवैधानिक आदेश पीसीआे के तहत शपथ लेने वाले जजों को राष्ट्रपति को सुरक्षा देने का कोई अधिकार नहीं है। यह अधिकार संसद का है। उन्होंने बताया कि लाहौर राष्ट्रीय असेम्बली सीट 123 के लिए उनका नामांकन पत्र स्वीकार किया जा चुका है तथा अदालत में उनके नामांकन के खिलाफ अपील भी वापस ली जा चुकी है।

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  • Web Title: ‘मुझे संसद में आने से रोकना चाहते हैं मुशर्रफ’