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‘बड़े ही बेशर्म नेता हैं मुशर्रफ’

क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान पीपीपी नेता आसिफ अली जरदारी व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बड़े आलोचक माने जाते हैं। उन्हें लगता है कि दोनों नेताओं ने जनादेश को धोखा दिया है। जो लोग समझते हैं कि खान राजनीति में खत्म हो चुके हैं, उन्हें वह जवाब देते हैं कि उन्होंने हार नहीं मानी है। लाहौर में इमरान खान से हुई खास बातचीत के प्रमुख अंश :ड्ढr चुनाव के बाद पाकिस्तान के हालात कैसे हैं?ड्ढr चुनाव के बाद भी राजनीतिक भ्रम कायम है। बर्खास्त जजों की बहाली का मुद्दा सुलझ नहीं पाया है, जबकि इस मसले को चुनाव के पहले ही तय कर देना चाहिए था। देश की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है। प्रधानमंत्री बन गया है, लेकिन सरकार की असल ताकत जरदारी के पास है।ड्ढr क्या जजों के बहाल होने पर आप सरकार में शामिल होंगे?ड्ढr यह एक बड़ा सवाल है। सरकार में मुशर्रफ का दखल है। बुश प्रशासन आतंकवाद के खिलाफ अपनी जंग में पाकिस्तान को टॉयलेट पेपर की इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में सरकार देश में स्वतंत्र न्यायपालिका नहीं रहने देगी। इसलिए लगता है कि अगर वे जजों को वापस ले भी आते हैं तो भी उनके हाथ बंधे रहेंगे।ड्ढr क्या मुशर्रफ को चले जाना चाहिए?ड्ढr देश की जनता ने उनके खिलाफ जनादेश दिया। लोग चाहते हैं कि वे चले जाएं। इसके बावजूद वह सत्ता से चिपके हैं। इसलिए मैं उन्हें बेशर्म कहता हूं। उन्होंने अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया।ड्ढr आईपीएल पर आप क्या सोचते हैं?ड्ढr भीड़ में यह हिट है। मैं चेतावनी देना चाहता हूं कि अगर इन चीजों को ठीक से नजरिये से न समझा गया तो क्रिकेट बरबाद हो सकता है। ऊपर से देखने में आईपीएल ठीक है, लेकिन क्रिकेट के जानकारों की पारखी नजर से देखा जाय तो यह वास्तविक क्रिकेट नहीं है। आप बहुत ज्यादा 20-20 मैच नहीं करवा सकते, क्योंकि इससे क्रिकेट का स्तर गिर सकता है। इससे टेस्ट क्रिकेट की मौत हो सकती है।

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