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कोर्ट में 65 मिनट तक बैठना पड़ा लालू को

ेरल मंत्री लालू प्रसाद यादव को 27 मई की सुबह सीबीआइ कोर्ट में एक घंटा पांच मिनट तक बैठना पड़ा। चारा घोटाला की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज विनय कुमार सहाय की अदालत में गवाही चल रही थी। आरोपी लालू प्रसाद प्रात: 7.40 बजे वहां पहुंचे। कोर्ट ने उन्हें बैठ जाने के लिए कहा। इसके बाद तीन गवाहों की गवाही कलमबद्ध की गयी। 8.45 बजे कोर्ट ने गवाही समाप्त करते हुए लालू प्रसाद को बाहर जाने की अनुमति दी। प्रसाद कोर्ट से बाहर निकले और काले रंग की गाड़ी में बैठकर चले गये।ड्ढr लालू प्रसाद के आने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन द्वारा कोर्ट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी। इनमें महिला पुलिसकर्मी, ब्लैक कैट कमांडो सहित जिला पुलिस के जवान थे। कोतवाल इंस्पेक्टर रामरखा सिंह मुख्य द्वार पर खड़े थे। प्रात: 7.30 बजे लालू प्रसाद का काफिला कोर्ट पहुंचा। केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव, श्याम राक, गौतम सागर राणा, अभय सिंह, शमशेर आलम, अफरो आलम, मनोज कुमार, रांन सिंह सहित अन्य लोग थे। प्रसाद सीधे संजय प्रसाद की अदालत में गये। वहां पासपोर्ट जमा कराने के बाद कांड संख्या आरसी 64 और 47 में हाजिरी दी। सात-आठ मिनट कोर्ट में रुकने के बाद वह बीके सहाय की अदालत में पहुंचे। यहां कांड संख्या आरसी 20 और 38 में हाजिरी दी। उस वक्त कांड संख्या आरसी 4में सीबीआइ इंस्पेक्टर एके झा की गवाही चल रही थी। कोर्ट ने लालू प्रसाद को बैठ जाने का आदेश दिया। इंस्पेक्टर की गवाही समाप्त होने के बाद आरसी 20 में महाराष्ट्र के भगवान दास भोरानी की गवाही शुरू हुई। भोरानी ने कहा कि उनके बहनोई हितेन मेहता ने साढ़े आठ लाख रुपये का ड्राफ्ट दिया था। इसे आठ आना प्रति हाार के हिसाब से कमीशन काटकर कैश कर दिया गया। यह ड्राफ्ट चारा घोटाला के आरोपी गौरीशकर प्रसाद के पुत्र शरद कुमार का था। पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक (प्लानिंग) जीके श्रीवास्तव ने वाउचर की पहचान की। तब तक लालू प्रसाद कोर्ट में बैठे अदालती कार्यवाही देखते रहे। कोर्ट की इजाजत से वह 8.45 बजे लौट गये। निकट पहुंचने को सब थे बेताबड्ढr हिन्दुस्तान ब्यूरो रांचीड्ढr ड्ढr सिविल कोर्ट में लालू प्रसाद के निकट पहुंचने को हर कोई बेताब था। वह अदालत में एक बेंच पर बैठे थे। अंदर सामान्य लोगों के घुसने पर पाबंदी थी। वकील बेधड़क अंदर आते और लालू जी को नमस्कार कर उनसे दो मिनट बात करना चाहते थे।ड्ढr लालू प्रसाद सिर्फ उन्हीं वकीलों से बातचीत कर रहे थे, जो उनका केस देख रहे हैं। अदालत से बाहर आते ही राजद नेताओं ने उन्हें घेर लिया। लालू प्रसाद किसी से बातचीत किये बगैर सीधे बाहर निकल गये। आपकी पत्नी शादीशुदा हैंड्ढr हिन्दुस्तान ब्यूरो रांची मंगलवार को सीबीआइ कोर्ट में मौजूद लोग उस समय हंसी नहीं रोक पाये, जब सीबीआइ के वकील ने एक गवाह से पूछा कि आपकी पत्नी शादीशुदा हैं।ड्ढr चारा घोटाला के आरोपी रलमंत्री लालू प्रसाद की उपस्थिति में कांड संख्या आरसी 20 में महाराष्ट्र निवासी भगवान दास भोरानी की गवाही चल रही थी। सीबीआइ के वकील ने पहले उनका, फिर पत्नी का नाम पूछा। इसके बाद कहा कि आपकी पत्नी शादीशुदा हैं। तब लालू प्रसाद सहित अन्य मुस्कुराये बिना नहीं रह सके।ड्ढr रलवे टिकट नहीं मिलताड्ढr चारा घोटाला के एक मामले में रलमंत्री लालू प्रसाद अदालत में बैठे थे। उनके पीछे की बेंच पर जयप्रकाश नारायण यादव, गौतम सागर राणा और श्याम राक थे। प्रात: 8.15 बजे सिविल कोर्ट के कापिंग सेक्शन में कार्यरत एक महिला सीधे लालू प्रसाद के पास पहुंची और कही कि मैं कैंसर रोग से पीड़ित हूं। इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है, लेकिन रलवे में रिाव्रेशन की समस्या रहती है। लालू प्रसाद ने गेट पर खड़े अपने एक सहयोगी की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें अपनी समस्या बता दें।

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